Russian Exporters: नवी मुंबई में खुला रूसी हब, भारतीय बाजार में बढ़ेगी टक्कर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Russian Exporters: नवी मुंबई में खुला रूसी हब, भारतीय बाजार में बढ़ेगी टक्कर

रूसी कंपनियां अब भारत में अपने कारोबार का दायरा बढ़ा रही हैं। 'Russian Export Centre' के सहयोग से नवी मुंबई में एक परमानेंट पैविलियन बनाया गया है और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी रूसी ब्रांड्स की मौजूदगी बढ़ाई जा रही है।

रूस अब भारत के साथ व्यापार के समीकरण बदल रहा है। अब तक दोनों देशों के बीच व्यापार मुख्य रूप से एनर्जी और डिफेंस तक सीमित था, लेकिन अब रूसी कंपनियां कंज्यूमर गुड्स और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी में बड़े कदम उठा रही हैं। नवी मुंबई में खुला 'Made in Russia' का परमानेंट पैविलियन इसी रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले रूसी कंपनियों को अस्थायी ट्रेड शो पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब भारतीय इम्पोर्टर्स साल भर इनके प्रोडक्ट्स को देख और समझ सकेंगे।\n\n### डिजिटल मार्केट पर नजर\nसिर्फ फिजिकल मौजूदगी ही नहीं, बल्कि रूसी कंपनियां भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में भी आक्रामक दिख रही हैं। Makfa और Miratorg जैसे बड़े ब्रांड्स अब Amazon India, Nykaa और Tira जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अपने उत्पाद लिस्ट कर रहे हैं। REC Group के सहयोग से कंपनियां भारतीय कंज्यूमर की पसंद और प्राइस सेंसिटिविटी को समझने की कोशिश कर रही हैं।\n\n### भारी निवेश और भविष्य की राह\nरूसी एक्सपोर्टर्स का इरादा सिर्फ माल बेचना नहीं, बल्कि भारतीय सप्लाई चेन का हिस्सा बनना है। 2025 में REC Group द्वारा समर्थित निर्यात का आंकड़ा 103.3 बिलियन रूबल के पार चला गया है। आने वाले समय में ये कंपनियां रोबोटिक्स और डिजिटल सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में पार्टनरशिप की तैयारी कर रही हैं।\n\n### घरेलू बाजार पर असर\nरूसी ब्रांड्स के आने से भारतीय मैन्युफैक्चरर्स और रिटेलर्स के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ना तय है। खासकर प्रोसेस्ड फूड, ब्यूटी और इंडस्ट्रियल टेक सेक्टर की कंपनियों को अपनी बाजार हिस्सेदारी बचाने के लिए अब और मेहनत करनी होगी। अब देखना यह होगा कि ये रूसी कंपनियां भारतीय मार्केट की जटिलताओं और क्वालिटी मानकों पर कितनी खरा उतरती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.