Rural Economy Alert: ग्रामीण इलाकों में घटी आमदनी, नए एम्प्लॉयमेंट स्कीम से बढ़ी टेंशन

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AuthorMehul Desai|Published at:
Rural Economy Alert: ग्रामीण इलाकों में घटी आमदनी, नए एम्प्लॉयमेंट स्कीम से बढ़ी टेंशन

जुलाई और अगस्त 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों में रियल वेजेस (असली कमाई) में गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे की बड़ी वजह **8%** से ऊपर जाती फूड इन्फ्लेशन और सरकारी स्कीम 'Viksit Bharat-Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (VB-G RAM G)' के लागू होने में आ रही चुनौतियां हैं।

मजदूरी में आई भारी गिरावट

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चिंताएं बढ़ रही हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में रियल वेजेस में जुलाई में 1.5% और अगस्त में 1.9% की गिरावट आई है। वहीं, गैर-कृषि क्षेत्र में स्थिति और भी खराब है, जहां मजदूरी क्रमशः 1.6% और 2.1% तक गिर गई है। यह रूरल परचेजिंग पावर (क्रय शक्ति) में सीधे तौर पर कमी को दर्शाता है।

नई स्कीम की सुस्त शुरुआत

सरकार ने रोजगार के लिए जो नया ढांचा 'Viksit Bharat-Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (VB-G RAM G)' पेश किया है, वह अभी शुरुआती दिक्कतों से जूझ रहा है। डेटा के मुताबिक, इस स्कीम के तहत पैदा होने वाले 'पर्सन-डेज' का आंकड़ा पुराने MGNREGA के औसत से काफी पीछे चल रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय पर असर पड़ रहा है।

FMCG और ऑटो सेक्टर के लिए रिस्क

महंगाई का पारा 8% के पार है, जिससे घर का बजट बिगड़ रहा है। आमदनी कम होने और महंगाई बढ़ने से ग्रामीण उपभोक्ता अब खर्च में कटौती कर रहे हैं। निवेशकों के लिए यह एक 'रेड फ्लैग' है, क्योंकि FMCG कंपनियों, टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों और ट्रैक्टर निर्माताओं का बड़ा वॉल्यूम ग्रामीण बाजार से आता है। अगर रूरल डिमांड में सुधार नहीं हुआ, तो इन सेक्टरों की ग्रोथ और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बरकरार रह सकता है।

अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार VB-G RAM G स्कीम को तेजी से लागू करने के लिए कोई कदम उठाती है या रूरल लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कोई नया ऐलान करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.