Jio Platforms के बहुप्रतीक्षित IPO में विदेशी निवेश की उम्मीद के बीच भारतीय रुपया मजबूती के साथ **94.49** के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले 6 हफ्तों का उच्चतम स्तर है।
बाजार में क्या हुआ बदलाव?
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले काफी मजबूती के साथ उभरा है। इस 0.4% की तेजी के साथ रुपया 94.49 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों का मानना है कि Jio Platforms के IPO में भारी मात्रा में विदेशी पैसा आने वाला है, जिसकी तैयारी के चलते बाजार में डॉलर की आवक बढ़ी है।
RBI की भूमिका
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने करेंसी को थामने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। सेंट्रल बैंक ने तेल कंपनियों के डॉलर खरीदने के तरीके में बदलाव किया है और करेंसी सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए इंपोर्ट-प्रोटेक्शन की लागत बढ़ा दी है। इन डिफेंसिव कदमों और विदेशी संस्थानों द्वारा डॉलर की बिकवाली ने रुपये को 94.30 के स्तर पर एक मजबूत सपोर्ट प्रदान किया है।
कच्चा तेल और आर्थिक चुनौतियां
हालांकि यह तेजी उत्साहजनक है, लेकिन ग्लोबल दबाव बरकरार है। ब्रेंट क्रूड ऑयल अभी भी $110 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें रुपये पर लगातार दबाव बनाती हैं। इसके अलावा, देश का ट्रेड डेफिसिट और महंगाई के आंकड़े भी चिंता का विषय हैं। HSBC के एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन फंडामेंटल चुनौतियों के कारण लंबी अवधि में रुपये पर दबाव बना रह सकता है।
निवेशकों की नजरें
अब निवेशकों की निगाहें RBI की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स पर टिकी हैं। इन मिनट्स से यह संकेत मिलेगा कि अक्टूबर में हुई ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद सेंट्रल बैंक का आगे का रुख क्या होगा। क्या विदेशी पूंजी का प्रवाह तेल की ऊंची कीमतों और ट्रेड इम्बैलेंस के असर को कम कर पाएगा? यही आने वाले दिनों में रुपये की दिशा तय करेगा।
