Rupee: कच्चे तेल में आग, डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़का; सेंसेक्स में 500 अंकों की गिरावट

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Rupee: कच्चे तेल में आग, डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़का; सेंसेक्स में 500 अंकों की गिरावट

ग्लोबल मार्केट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के **$100** के करीब पहुंचने से भारतीय रुपया **21 पैसे** टूटकर **94.95** के स्तर पर आ गया है। इस उठा-पटक के बीच घरेलू बाजारों में भी भारी बिकवाली देखी जा रही है।

बाजार में क्यों है घबराहट?

कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। बाजार को डर है कि इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम रास्तों से सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इस ग्लोबल अनिश्चितता के कारण निवेशक 'Risk-off' मोड में हैं और इक्विटी से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

बाजार पर असर

इस बिकवाली का सीधा असर भारतीय सूचकांकों पर दिखा है। BSE Sensex 500 अंकों से ज्यादा फिसलकर 75,150 के स्तर से नीचे आ गया है, जबकि Nifty 50 भी 23,550 के लेवल को होल्ड नहीं कर पाया। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भी बाजार में लगातार नेट सेलर्स बने हुए हैं, जो शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट को और कमजोर कर रहे हैं।

अर्थव्यवस्था के लिए क्या हैं खतरे?

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में क्रूड ऑयल का $100 प्रति बैरल के पार जाना देश के इम्पोर्ट बिल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इससे न केवल ट्रेड डेफिसिट बढ़ेगा, बल्कि 'इंपोर्टेड इन्फ्लेशन' का खतरा भी पैदा होगा। अगर फ्यूल महंगा होता है, तो ट्रांसपोर्टेशन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा।

अब सबकी नजरें कच्चे तेल के भाव और आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि आगे चलकर सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या स्टैंड लेते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.