Rupee vs Dollar: कच्चे तेल की कीमतों में आग, रुपया फिसलकर **94.94** के स्तर पर पहुंचा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Rupee vs Dollar: कच्चे तेल की कीमतों में आग, रुपया फिसलकर **94.94** के स्तर पर पहुंचा

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय रुपया **94.94** के स्तर पर बंद हुआ। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और महंगे इंपोर्ट के चलते भारतीय करेंसी पर लगातार दूसरे दिन दबाव देखा गया है।

बाजार का हाल

शुक्रवार को भारतीय रुपया 0.1% की गिरावट के साथ 94.94 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले गुरुवार को भी इसमें 0.4% की कमजोरी देखी गई थी। ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल $114 प्रति बैरल के पास पहुंच गया है, जो पांच महीने का उच्चतम स्तर है। मिडिल ईस्ट में सप्लाई चेन को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने ऊर्जा की कीमतों को हवा दी है।

क्यों टूट रहा है रुपया?

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। जब ग्लोबल मार्केट में क्रूड महंगा होता है, तो देश की तेल कंपनियों को बिल चुकाने के लिए ज्यादा डॉलर खरीदने पड़ते हैं। डॉलर की इस बढ़ती डिमांड का सीधा असर रुपये की वैल्यू पर पड़ता है।

हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों से ब्याज दरों में राहत की उम्मीद थी, जो उभरते बाजारों के लिए अच्छी खबर थी। लेकिन, तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने इस सकारात्मक सेंटीमेंट को दबा दिया है। अब निवेशकों को डर है कि ऊर्जा की बढ़ती लागत देश में महंगाई बढ़ा सकती है और ट्रेड बैलेंस को खराब कर सकती है।

RBI की भूमिका

इससे पहले Jio Platforms के IPO से जुड़े फंड्स के चलते रुपया गुरुवार को 94.30 के छह सप्ताह के हाई पर पहुंचा था, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार करेंसी मार्केट में दखल देकर गिरावट को रोकने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि जब तक ग्लोबल ऑयल प्राइसेस में अस्थिरता बनी रहेगी, RBI के शॉर्ट-टर्म उपाय भी रुपये को बड़ी राहत देने में सीमित साबित हो सकते हैं। आने वाले समय में निवेशकों की नजर कच्चे तेल के चार्ट और RBI की लिक्विडिटी मैनेजमेंट रणनीति पर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.