भारतीय रुपया आज **14 पैसे** की मजबूती के साथ **94.78** के स्तर पर पहुंच गया है। यह लगातार **8वां** दिन है जब रुपये में तेजी दर्ज की गई है। इस तेजी के पीछे Jio Platforms का IPO और गिरते क्रूड ऑयल के दाम मुख्य वजह माने जा रहे हैं।
रुपये में क्यों आ रही है तेजी?
रुपये की इस मजबूती के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर Jio Platforms का IPO है। विदेशी निवेशकों की ओर से आ रहे भारी फंड के कारण रुपये की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी ने भी रुपये को सपोर्ट दिया है। चूँकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, ऐसे में तेल सस्ता होने से विदेशी मुद्रा पर दबाव कम हो गया है।
RBI और ग्लोबल संकेतों पर नजर
बाजार की नजर अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की चाल पर है। केंद्रीय बैंक लगातार करेंसी की वोलेटिलिटी पर नजर रखे हुए है ताकि रुपये में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो। हालांकि, एशियाई मार्केट की बात करें तो जापानी येन (Japanese Yen) और दक्षिण कोरियाई वॉन (South Korean Won) पर दबाव है, जो बताता है कि रुपये की यह मजबूती पूरी तरह से घरेलू फैक्टर्स और IPO के दम पर है।
सेक्टर पर क्या होगा असर?
रुपये के मजबूत होने का असर हर सेक्टर पर अलग होता है। जो कंपनियां कच्चा माल बाहर से मंगाती हैं (जैसे ऑयल मार्केटिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां), उन्हें लागत कम होने से फायदा होगा। वहीं, IT और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट ओरिएंटेड सेक्टर के लिए यह चिंता की बात हो सकती है, क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया बढ़ने से उनकी कमाई का मार्जिन घट जाता है। अब निवेशकों की नजर आने वाले दिनों में फॉरेन इनफ्लो और आरबीआई के अगले कदम पर टिकी है।
