Rupee Recovery: डॉलर के मुकाबले संभला रुपया, RBI की दखल और गिरते Crude Oil का दिखा असर

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rupee Recovery: डॉलर के मुकाबले संभला रुपया, RBI की दखल और गिरते Crude Oil का दिखा असर

मंगलवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले **95.98** के स्तर पर बंद हुआ। दिन के दौरान रुपया **96.1475** तक फिसल गया था, लेकिन Brent crude के दामों में नरमी और सरकारी बैंकों की बिकवाली से इसमें सुधार देखने को मिला।

मंगलवार को भारतीय रुपये ने दबाव के बावजूद रिकवरी दर्ज की और सत्र का समापन 95.98 के स्तर पर हुआ। दिन की शुरुआत में रुपये पर भारी बिकवाली का दबाव था, जिससे यह 96.1475 के निचले स्तर तक पहुंच गया था, क्योंकि वैश्विक स्तर पर Brent crude की कीमतें $108 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं।

RBI का एक्शन और क्रूड का गणित

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब ग्लोबल मार्केट में क्रूड महंगा होता है, तो ऑयल इम्पोर्टर्स को डॉलर की ज्यादा जरूरत पड़ती है, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ता है। इस गिरावट को रोकने के लिए सरकारी बैंकों ने डॉलर की रणनीतिक बिकवाली की, जिसे मार्केट एक्सपर्ट्स RBI का हस्तक्षेप मान रहे हैं।

आगे की राह क्या है?

दोपहर के सत्र में क्रूड की कीमतों में गिरावट आने से मार्केट सेंटीमेंट सुधरा। ट्रेडर्स के लिए $100 प्रति बैरल का स्तर क्रूड के लिए काफी अहम है। यदि क्रूड इस लेवल के नीचे बना रहता है, तो रुपया 95.40 से 95.50 की रेंज में कारोबार कर सकता है। वहीं, अगर तेल के दाम फिर उछले, तो 96 का स्तर रुपये के लिए फिर से बड़ी चुनौती बन सकता है।

ग्लोबल मार्केट की हलचल

रुपये की चाल पर ग्लोबल फैक्टर्स का भी गहरा असर है। अमेरिका की 10-वर्षीय Treasury yield फिलहाल 5.246% पर है, जो निवेशकों को डॉलर की ओर खींच रही है। इसके चलते डॉलर इंडेक्स 101.5 पर मजबूती दिखा रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी मार्केट में अनिश्चितता पैदा कर दी है। अब सभी की नजरें अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़ों और Federal Reserve के फैसलों पर टिकी हैं, जो भविष्य में डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेश की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.