ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का असर भारतीय मुद्रा पर दिखा है। रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले **16 पैसे** सुधरकर **95.73** के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी एक बड़ा कंसर्न बनी हुई है।
बाजार में सुधार की मुख्य वजह
रुपये में यह रिकवरी मुख्य रूप से ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम में आई गिरावट के बाद देखने को मिली है। क्रूड ऑयल के भाव $104 प्रति बैरल के नीचे फिसल गए हैं। चूँकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल के दाम कम होने से देश के ट्रेड बैलेंस पर दबाव कम होता है और डॉलर की डिमांड भी घटती है, जिसका सीधा फायदा रुपये को मिलता है।
इक्विटी मार्केट का साथ
भारतीय शेयर बाजार में भी आज तेजी का रुख है। Sensex में 122.18 अंकों की बढ़त के साथ यह 74,436.77 के स्तर पर है, वहीं Nifty 23.55 अंक चढ़कर 23,294.15 पर ट्रेड कर रहा है। बाजार में यह सकारात्मक सेंटिमेंट भी रुपये को सहारा दे रहा है।
विदेशी निवेशकों की चिंता बरकरार
इतनी राहत के बावजूद, मार्केट पर दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का बिकवाली का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले ट्रेडिंग सेशन में ही इन्होंने ₹3,208.76 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है। जब विदेशी निवेशक शेयर बेचते हैं, तो वे रुपयों को डॉलर में बदलकर अपने देश वापस ले जाते हैं, जिससे रुपये पर लगातार गिरावट का दबाव बना रहता है।
ग्लोबल संकेत और US फेड
निवेशक अब वैश्विक स्तर पर US Federal Reserve के हालिया फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं, जिसने ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। डॉलर इंडेक्स और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में होने वाली हलचल आने वाले दिनों में रुपये की चाल तय करेगी।
