Jio Platforms के मेगा IPO में विदेशी निवेशकों की भारी दिलचस्पी के चलते आज भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हो सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस तेजी के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
छुट्टी के बाद जब आज करेंसी मार्केट खुलेगा, तो भारतीय रुपये में बढ़त देखने को मिल सकती है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह Jio Platforms का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) है, जिसमें विदेशी निवेशकों का जबरदस्त रुझान देखा जा रहा है। मार्केट जानकारों का मानना है कि इसके चलते रुपया डॉलर के मुकाबले 94.75 से 94.80 के लेवल तक पहुंच सकता है, जबकि पिछली क्लोजिंग 94.9250 पर हुई थी।\n\n### IPO का असर और करेंसी डिमांड\nजब विदेशी संस्थान (FIIs) किसी बड़े IPO में निवेश करते हैं, तो वे डॉलर लाकर उसे रुपये में बदलते हैं। चूंकि Jio Platforms का एंकर हिस्सा 30 गुना तक ओवरसब्सक्राइब हुआ है, इसलिए विदेशी फंड का भारी इनफ्लो रुपये की डिमांड को मार्केट में काफी बढ़ा रहा है।\n\n### कच्चे तेल का दबाव\nरुपये की इस तेजी की राह में कच्चे तेल (Brent crude) की कीमतें एक बड़ा रोड़ा हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चा तेल $110.34 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है, इसलिए तेल के दाम बढ़ने से डॉलर की मांग बढ़ती है, जो रुपये पर दबाव डालती है।\n\n### RBI की भूमिका\nइस पूरे घटनाक्रम में Reserve Bank of India (RBI) की नजरें बनी हुई हैं। केंद्रीय बैंक करेंसी में ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए 95 के लेवल के आसपास सक्रिय हस्तक्षेप करता रहा है। पिछले 7 दिनों से रुपया लगातार मजबूत हुआ है, लेकिन अब तकनीकी रूप से 94.70 पर कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि IPO की यह रफ्तार इस बाधा को तोड़ पाती है या RBI करेंसी को नियंत्रित रखने के लिए कोई कदम उठाता है।
