5 अक्टूबर को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले **10 पैसे** उछलकर **96.22** पर खुला है। क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नरम उम्मीदों का फायदा करेंसी को मिला है।
बाजार को मिली राहत
भारतीय रुपया आज कारोबार की शुरुआत में 96.22 के स्तर पर खुला, जो पिछले सत्र के 96.32 के क्लोजिंग भाव से 10 पैसे की मजबूती दिखाता है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल के दाम हैं, जो $101.6 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। कम होते दाम भारत के लिए राहत की बात हैं क्योंकि इससे ऑयल इंपोर्ट बिल का दबाव कम होता है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से डॉलर इंडेक्स में नरमी देखी जा रही है।
चुनौतियां अभी बरकरार
शुरुआती मजबूती के बावजूद रुपए पर दबाव बना हुआ है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की लगातार बिकवाली से करेंसी मार्केट में अस्थिरता है। जब विदेशी निवेशक शेयर बेचकर अपना पैसा वापस ले जाते हैं, तो वे रुपए को डॉलर में बदलते हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का उच्च स्तर पर बने रहना भी निवेश का प्रवाह भारत से अमेरिका की ओर मोड़ रहा है, जो रुपए के लिए एक बड़ी बाधा है।
RBI की पॉलिसी बैठक पर सबकी निगाहें
अब बाजार की नजर 5 से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिकी है। बाजार में चर्चा है कि RBI महंगाई पर काबू पाने और रुपए को सहारा देने के लिए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। निवेशकों को 7 अक्टूबर को आने वाले फाइनल फैसलों का इंतजार है, जिससे पता चलेगा कि भविष्य में ब्याज दरों और इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर सेंट्रल बैंक की क्या रणनीति रहने वाली है।
