27 अगस्त 2026 को भारतीय रुपया **95.44** प्रति डॉलर पर खुला। क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से रुपए को सपोर्ट मिल रहा है, लेकिन जैक्सन होल (Jackson Hole) संगोष्ठी से पहले मजबूत डॉलर का दबाव बना हुआ है।
27 अगस्त 2026 को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.44 पर कारोबार कर रहा है। बाजार में घरेलू सपोर्ट और ग्लोबल तनाव के बीच एक संतुलन बना हुआ है, जहां तेल की कीमतों में नरमी से करेंसी को अस्थायी सहारा मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
रुपए के लिए आज सबसे बड़ी राहत ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट है, जो करीब $87.30 प्रति बैरल पर कारोबार कर रही हैं। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल सस्ता होने का मतलब है कि डॉलर की मांग कम हो जाती है। यदि तेल की कीमतों में यह गिरावट जारी रहती है, तो यह घरेलू करेंसी के लिए और भी राहत की बात होगी।
US Fed और ग्लोबल दबाव
तेल से मिली राहत के बावजूद, मजबूत डॉलर के चलते रुपए पर दबाव बरकरार है। निवेशक 'जैक्सन होल' (Jackson Hole) संगोष्ठी को लेकर सतर्क हैं, जहां केंद्रीय बैंक ब्याज दरों पर चर्चा करेंगे। US Federal Reserve द्वारा संभावित रेट हाइक (Rate Hike) की संभावनाओं ने डॉलर को मजबूत बना दिया है, जिससे इमर्जिंग मार्केट की करेंसी दबाव में हैं।
RBI की सक्रिय भूमिका
Reserve Bank of India (RBI) विदेशी मुद्रा बाजार में लगातार दखल दे रही है ताकि अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य USD/INR को 95.00 से 95.80 के आरामदायक दायरे में रखना है, ताकि भारी गिरावट से महंगाई और आयात पर बुरा असर न पड़े। अब बाजार की नजरें जैक्सन होल की चर्चाओं और RBI की लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर टिकी हैं।
