भारतीय रुपया आज **5 पैसे** की बढ़त के साथ **95.82** प्रति डॉलर पर खुला। निवेशकों की नजर अब RBI के रुख, कच्चे तेल के दाम और आने वाले हफ्तों में IPO की हलचल पर टिकी है।
भारतीय रुपये ने सोमवार की शुरुआत मजबूती के साथ की। शुक्रवार को यह 95.87 के स्तर पर बंद हुआ था, लेकिन आज यह 95.82 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि यह बढ़त मामूली है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि क्या रुपया 96 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करता है या वहां से वापस लौटता है।
कच्चे तेल और ग्लोबल ट्रेंड का असर
क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें भारतीय करेंसी के लिए सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल के दाम बढ़ने से डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जो रुपये पर दबाव डालती है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड में हल्की नरमी है, लेकिन जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण एनर्जी मार्केट में अस्थिरता बनी हुई है। वहीं, डॉलर इंडेक्स 100.22 के पास स्थिर बना हुआ है, जिससे एशियाई मुद्राओं को थोड़ी राहत मिली है।
IPO की सुनामी से बदलेंगे समीकरण?
घरेलू शेयर बाजार में इस हफ्ते भारी हलचल देखने को मिलेगी। कुल 20 IPO खुलने वाले हैं और 14 कंपनियां, जिनमें NSE और Hero Motors प्रमुख हैं, शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही हैं। अगर इन IPO में विदेशी निवेश (Foreign Investment) का बड़ा इनफ्लो आता है, तो रुपये को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है।
आगे क्या होगा?
अगर रुपया 96 के करीब पहुंचता है, तो बाजार को RBI के हस्तक्षेप का डर रहेगा। जानकारों का मानना है कि एक्सपोर्टर्स 96 के स्तर के करीब डॉलर बेच सकते हैं, जबकि इंपोर्टर्स गिरावट पर खरीदारी का मौका ढूंढ रहे हैं।
