भारतीय रुपया आज **33 पैसे** की तेजी के साथ **94.73** के स्तर पर पहुंच गया है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हालिया इंटरवेंशन और ऑयल कंपनियों के लिए नए डॉलर विंडो के फैसले ने बाजार में डॉलर की डिमांड को कम किया है, जिससे रुपये को मजबूती मिली है।
डॉलर पर लगा लगाम
16 अक्टूबर को रुपये की चाल में बड़ा बदलाव दिखा। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने मार्केट में जिस तरह से दखल दिया है, उसने ट्रेडर्स को चौंका दिया है। सरकारी ऑयल कंपनियों के लिए अलग से डॉलर परचेज विंडो खोलने के फैसले से मार्केट में अचानक आने वाली डॉलर की भारी डिमांड पर काफी हद तक लगाम लग गई है।
नई रेगुलेशन और बिजनेस पर असर
RBI ने रिस्क मैनेजमेंट के लिए 20% का फॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिजर्व (FERR) अनिवार्य कर दिया है। यह नियम उन ट्रांजैक्शंस पर लागू होगा जो $2 मिलियन से ज्यादा के हैं। अन-हेज्ड (Unhedged) विदेशी मुद्रा एक्सपोजर पर बढ़ी सख्ती के कारण कंपनियों के लिए अब करेंसी रिस्क से बचाव करना महंगा और जटिल हो गया है।
मार्केट की लिक्विडिटी का पेंच
इस उठापटक का एक साइड इफेक्ट बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी की कमी के रूप में दिख रहा है। नियम-कानूनों के पालन में व्यस्त बैंकों की वजह से फॉरवर्ड प्रीमियम मल्टी-ईयर हाई पर पहुंच गए हैं। फिलहाल रुपया 94.70 से 95.00 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ग्लोबल स्तर पर मजबूत हो रहे डॉलर के सामने RBI की ये नई पॉलिसी रुपये को कहां तक थाम पाती है।
