भारतीय रुपया आज **20 पैसे** की बढ़त के साथ **94.79** प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। RBI के इंटरवेंशन और कमजोर डॉलर इंडेक्स से करेंसी को सहारा मिला है, लेकिन FII की बिकवाली और क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों ने तेजी पर ब्रेक लगा रखा है।
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपये में हल्की रिकवरी देखने को मिली। पिछला क्लोजिंग भाव 94.99 था, जिससे रुपया आज 20 पैसे मजबूत होकर 94.79 के स्तर पर पहुंच गया। इस मजबूती के पीछे मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट में डॉलर इंडेक्स का नरम पड़ना और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का रणनीतिक हस्तक्षेप है।
RBI की भूमिका और बाजार का मूड
सेंट्रल बैंक की बाजार में सक्रिय उपस्थिति से करेंसी में उतार-चढ़ाव को थामने में मदद मिली है। अमेरिका से आए मिश्रित इकोनॉमिक डेटा के बावजूद रुपया स्थिर बना हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से भी उभरते बाजारों की करेंसीज को थोड़ी राहत मिली है।
चुनौतियां अभी बरकरार
हालांकि, रुपये की राह आसान नहीं है। सबसे बड़ी चिंता विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली है। पिछले सत्र में FIIs ने भारतीय बाजार से ₹5,285.37 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इस भारी आउटफ्लो से करेंसी पर दबाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर BSE Sensex और Nifty 50 पर भी दिख रहा है।
कच्चे तेल का दबाव
इसके अलावा, Brent Crude Oil की कीमतें $105.35 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी आयात पर निर्भर है, जिससे ऑयल का बिल बढ़ता है। बिल चुकाने के लिए ज्यादा डॉलर की मांग होती है, जो रुपये पर दबाव बनाए रखती है।
आगे देखना होगा कि RBI की लिक्विडिटी मैनेजमेंट और ग्लोबल क्रूड ऑयल की चाल रुपये की दिशा तय करने में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।
