Rupee: क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम से रुपया हुआ कमजोर, डॉलर के मुकाबले **94.50** पर फिसला

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rupee: क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम से रुपया हुआ कमजोर, डॉलर के मुकाबले **94.50** पर फिसला

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और घरेलू शेयर बाजार में आई सुस्ती के चलते भारतीय रुपया आज **12 पैसे** फिसलकर **94.50** के स्तर पर आ गया है।

भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 12 पैसे की कमजोरी के साथ 94.50 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया। यह गिरावट पिछले सत्र की 53 पैसे की शानदार बढ़त के बाद आई है। मौजूदा दबाव की मुख्य वजह ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बढ़ती कीमतें हैं, जो भारत के इंपोर्ट बिल को बढ़ा रही हैं।

क्यों महंगा हो रहा है इंपोर्ट?

कच्चे तेल की कीमतें रुपए पर सबसे बड़ा बोझ बनी हुई हैं। Brent crude के दाम बढ़कर $110.54 प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगवाता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें डॉलर की मांग को बढ़ा देती हैं, जिससे रुपए पर दबाव बनता है। जानकारों का कहना है कि अगर यह दाम $120 की तरफ बढ़ते हैं, तो करेंसी स्टेबिलिटी के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

शेयर बाजार का हाल

घरेलू मार्केट में भी आज सतर्कता का माहौल दिखा। BSE Sensex में 642.51 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 73,067.18 पर कारोबार कर रहा था। वहीं NSE Nifty भी 241.35 अंक टूटकर 22,570.90 पर पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि पिछले सत्र में FIIs ने ₹1,022.32 करोड़ की खरीदारी की थी, लेकिन उसके बावजूद बाजार में प्रॉफिट बुकिंग का दौर जारी है।

निवेशकों की नजरें कहां हैं?

भले ही रुपया दबाव में है, लेकिन कम US Treasury yields और विदेशी निवेश की संभावना इसे थोड़ा सपोर्ट दे रही है। फिलहाल निवेशक अमेरिकी लेबर मार्केट के डेटा और अनइंप्लॉयमेंट क्लेम पर नजर बनाए हुए हैं। डॉलर इंडेक्स की चाल और क्रूड ऑयल के रेट ही आने वाले दिनों में रुपए की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.