रक्षा बजट पर राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला: अब रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

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AuthorNeha Patil|Published at:
रक्षा बजट पर राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला: अब रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा लेखा विभाग (DAD) को बजट निगरानी को एनुअल से बदलकर रियल-टाइम (Real-time) करने के निर्देश दिए हैं। SAKSHAM प्लेटफॉर्म के जरिए तीनों सेनाओं के वित्तीय सिस्टम को एक साथ जोड़ा जाएगा, जिससे बिल क्लीयरेंस और पेंशन संबंधी शिकायतों का निपटारा तेज होगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय रक्षा वित्त के प्रबंधन में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव पेश किया है। रक्षा लेखा विभाग (DAD) के 279वें वार्षिक दिवस पर उन्होंने घोषणा की कि अब रक्षा खर्चों का विश्लेषण साल के अंत में नहीं, बल्कि रियल-टाइम आधार पर किया जाएगा। यह कदम डेटा-संचालित निर्णयों को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

इस रिफॉर्म का मुख्य आधार 'SAKSHAM' डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे अब भारतीय सेना के फाइनेंशियल इंफॉर्मेशन सिस्टम (IAFIS) के साथ इंटीग्रेट कर दिया गया है। यह 'वन नेशन, वन फंक्शन, वन एप्लीकेशन' मॉडल पुरानी जटिलताओं और बिल प्रोसेसिंग में होने वाली देरी को खत्म करेगा। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में इस ऑटोमेशन के चलते 100% फंड यूटिलाइजेशन का लक्ष्य हासिल किया है।

डिफेंस सेक्टर के लिए क्या हैं मायने?

इस नए सिस्टम में PRISM और नेशनल कंपाइलेशन सिस्टम (NCS) जैसे आधुनिक टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। इसका सीधा असर डिफेंस सप्लायर्स और PSUs पर पड़ेगा, क्योंकि बिल प्रोसेसिंग तेज होने से उनका कैश फ्लो सुधरेगा।

पेंशनर्स को बड़ी राहत

पेंशन संबंधी शिकायतों के लिए 'SPARSH' पोर्टल को और भी स्मार्ट बनाया जा रहा है। अब इसमें AI-बेस्ड चैट टूल्स जोड़े जा रहे हैं, जिससे WhatsApp, ईमेल और SMS के जरिए पेंशनर्स अपनी समस्याओं का समाधान तुरंत पा सकेंगे।

भविष्य की चुनौतियां

हालांकि, पूरा डेटा एक नेटवर्क पर आने से साइबर सुरक्षा (Cybersecurity) एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है। इसके अलावा, ट्रेजरी सिंगल अकाउंट (TSA) सिस्टम को लागू करने के दौरान अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल बिठाना भी एक बड़ी प्रशासनिक परीक्षा होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.