ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और RBI की सख्ती के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** का इजाफा कर इसे **5.50%** कर दिया है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया।
बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को भारतीय बाजार में कारोबार की शुरुआत से ही दबाव रहा। RBI के मौद्रिक नीति अपडेट के बाद BSE Sensex 429.11 अंक यानी 0.59% की गिरावट के साथ 72,638.70 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 173.05 अंक या 0.76% फिसलकर 22,603.05 पर आ गया।
रेपो रेट का असर और 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग'
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह RBI द्वारा रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% करना रहा। इसके साथ ही, RBI ने अपनी पॉलिसी को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) की ओर मोड़ा है। इसका सीधा मतलब यह है कि केंद्रीय बैंक महंगाई पर नियंत्रण को प्राथमिकता देगा, जिससे कंपनियों के लिए कर्ज लेना और महंगा हो जाएगा। ऊंचे ब्याज दरें कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर डाल सकती हैं।
कच्चे तेल की चिंता और ग्लोबल तनाव
निवेशकों की चिंता सिर्फ ब्याज दरों तक सीमित नहीं थी; कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। साथ ही, मिडिल ईस्ट में बढ़ती जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स से दूर रहने पर मजबूर कर दिया है।
सेक्टर का हाल और Titan पर दबाव
मेटल, रियलिटी, ऑटो, IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई। Titan Company के शेयर में 3.5% से 4% तक की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि कंपनी के तिमाही बिजनेस अपडेट ने कंजम्पशन डिमांड को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, इन सबके बीच Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank और Bharti Airtel जैसे स्टॉक्स ने कुछ हद तक मजबूती दिखाई। आने वाले समय में निवेशकों की नजर क्रूड ऑयल के भाव और तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी।
