BRICS Summit: G7 को पुतिन की चुनौती, कहा- अब 40% ग्लोबल GDP पर हमारा कब्जा

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
BRICS Summit: G7 को पुतिन की चुनौती, कहा- अब 40% ग्लोबल GDP पर हमारा कब्जा

नई दिल्ली में आयोजित BRICS बिजनेस समिट में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने G7 देशों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अब BRICS का हिस्सा ग्लोबल GDP के **40%** तक पहुंच चुका है और समय आ गया है कि वेस्टर्न सिस्टम पर निर्भरता खत्म कर स्वतंत्र पेमेंट सिस्टम तैयार किया जाए।

आर्थिक संतुलन में बदलाव

11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वीं BRICS बिजनेस समिट में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने पश्चिमी देशों की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर BRICS देशों का योगदान अब 40% के आंकड़े को पार कर गया है, जो G7 के मुकाबले कहीं अधिक है। यह संकेत साफ है कि दुनिया अब वेस्टर्न-लेड इकोनॉमिक ऑर्डर से आगे बढ़ रही है।

डी-डॉलराइजेशन (De-dollarization) की ओर कदम

समिट का मुख्य एजेंडा एक डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंशियल ऑर्डर तैयार करना है। पुतिन ने कहा कि प्रतिबंधों और सप्लाई चेन पर पाबंदियों का इस्तेमाल पुरानी धमक बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। अब समूह का लक्ष्य इंडिपेंडेंट पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना है, ताकि इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन के लिए अमेरिकी डॉलर (US Dollar) पर निर्भरता को कम किया जा सके और लोकल करेंसी में व्यापार को बढ़ावा मिले।

निवेशकों के लिए चेतावनी

इस भू-राजनीतिक बदलाव के अपने निहितार्थ हैं। हालांकि यह कदम सदस्य देशों को बाहरी दबावों से बचाने के लिए उठाया जा रहा है, लेकिन मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन, करेंसी रिस्क और अलग-अलग रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को मैनेज करना निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती होगी।

भारत की महत्वपूर्ण भूमिका

भारत इस समिट की मेजबानी कर रहा है और एक नाजुक संतुलन साध रहा है। एक तरफ भारत के पश्चिमी देशों से गहरे रणनीतिक संबंध हैं, तो दूसरी तरफ 11 सदस्यों वाले इस विस्तारवादी BRICS ब्लॉक में आर्थिक मजबूती। भारतीय बाजार के लिए यह स्थिति ट्रेड पॉलिसी, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट और सप्लाई चेन स्टेबिलिटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि नए पेमेंट सिस्टम को लेकर क्या समझौते होते हैं और वे वैश्विक व्यापार में करेंसी अस्थिरता को कितना प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.