पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में वेलफेयर योजनाओं को जारी रखने का वादा किया है। सरकार ने हाल ही में **37 लाख** महिलाओं को **₹1,262.54 करोड़** की राशि वितरित की है, हालांकि बढ़ता कर्ज चिंता का विषय बना हुआ है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 5 अक्टूबर, 2026 को सरदूलगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 'मुख्यमंत्री मावन-धियां सत्कार योजना' और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी।
बड़ी राशि का वितरण
सरकार ने हाल ही में लगभग 37 लाख लाभार्थियों के खातों में ₹1,262.54 करोड़ की राशि ट्रांसफर की है। यह फंड तीन महीने की अवधि के लिए जारी किया गया है, जिसे ग्रामीण और शहरी परिवारों की आर्थिक स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।
कर्ज का बढ़ता बोझ और आर्थिक चुनौतियां
सरकार का दावा है कि ये योजनाएं बेहतर टैक्स कलेक्शन के जरिए फंड की जा रही हैं, लेकिन आर्थिक जानकारों की चिंता बरकरार है। साल 2026-27 के लिए पंजाब का कुल बजट आउटले ₹2,60,437 करोड़ है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि मार्च 2027 तक राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर ₹4.47 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
विपक्ष की ओर से कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने इन योजनाओं को 'पॉपुलिस्ट' करार देते हुए वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाए हैं। जानकारों का कहना है कि भारी सब्सिडी और कमिटेड खर्चों के कारण विकास कार्यों (कैपिटल स्पेंडिंग) के लिए बहुत कम फंड बचता है। अब सबकी नजर राज्य के फिस्कल डेफिसिट टारगेट्स और भविष्य के क्रेडिट प्रोफाइल पर टिकी है।
