Punjab Government: DA बकाए के **₹14,191 करोड़** भुगतान पर अड़ी सरकार, सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Punjab Government: DA बकाए के **₹14,191 करोड़** भुगतान पर अड़ी सरकार, सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें उसे कर्मचारियों के **₹14,191 करोड़** का DA बकाया तुरंत देने को कहा गया था। सरकार का कहना है कि राज्य का **51%** रेवेन्यू पहले ही सैलरी और पेंशन में खर्च हो रहा है, जिससे यह भुगतान करना मुश्किल है।

आर्थिक संकट और कानूनी लड़ाई

पंजाब सरकार और राज्य के कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर तनातनी चरम पर है। सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन दायर की है, जिसमें 15 दिनों के भीतर ₹14,191 करोड़ के बकाए का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।

क्यों मुश्किल है भुगतान?

राज्य की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुल रेवेन्यू का 51% हिस्सा सैलरी और पेंशन में जा रहा है, जो राष्ट्रीय औसत 38% से काफी ज्यादा है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने तर्क दिया है कि डीए की दरों को यांत्रिक रूप से बढ़ाना संभव नहीं है। इसके बजाय, सरकार सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों के बराबर एक नया कंपनसेशन पैकेज देने की तैयारी कर रही है। सरकार का दावा है कि अगर वे मौजूदा मांगें मानते हैं, तो खजाने पर ₹6,500 करोड़ का अतिरिक्त सालाना बोझ पड़ेगा।

कर्मचारियों का विरोध और प्रदर्शन

दूसरी ओर, कर्मचारी यूनियन 'साझा मुलाजिम मंच' 18% डीए बढ़ोतरी की अपनी मांग पर अड़ी है। उन्होंने सरकार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए 8 सितंबर, 2026 से मास कैजुअल लीव और अक्टूबर भर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

निवेशकों के लिए जोखिम

राज्य पहले ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा है। कोर्ट के आदेशानुसार 6% साधारण ब्याज का भुगतान करना राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और एजुकेशन परियोजनाओं के बजट को प्रभावित कर सकता है। आगामी 6 महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट का फैसला और हड़ताल की गंभीरता राज्य की प्रशासनिक स्थिरता के लिए अहम मोड़ साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.