केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका में Blackstone, Neuberger Berman और The Estée Lauder Companies के दिग्गजों से मुलाकात की है। इस दौरे का मुख्य मकसद भारत में लॉन्ग-टर्म कैपिटल लाना और मैन्युफैक्चरिंग पार्टनरशिप को मजबूती देना है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान वैश्विक निवेशकों और दिग्गज कंपनियों के साथ कई महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकें कीं। 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 के बीच हुई इन चर्चाओं का मुख्य फोकस भारत की आर्थिक इकोसिस्टम को ग्लोबल जायंट्स के साथ और गहराई से जोड़ना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सेक्टर पर जोर
Blackstone, जो भारत के कमर्शियल रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में पहले से ही एक बड़ा नाम है, के साथ बातचीत निजी इक्विटी (Private Equity) की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित रही। वहीं, Neuberger Berman के साथ चर्चा का प्रमुख केंद्र वेल्थ मैनेजमेंट और फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना था। जैसे-जैसे भारत के कैपिटल मार्केट्स का विस्तार हो रहा है, वैश्विक कंपनियां इसे निवेश के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन मान रही हैं।
'मेक इन इंडिया' को मिली नई रफ्तार
The Estée Lauder Companies के साथ हुई मीटिंग ने एक स्पष्ट रणनीतिक बदलाव की ओर संकेत किया है। कंपनी भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और स्थानीय सोर्सिंग को बढ़ाने की योजना बना रही है। सरकार का यह प्रयास है कि विदेशी ब्रांड्स केवल आयात (Import) पर निर्भर न रहें, बल्कि भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाकर सप्लाई चेन को मजबूत करें और रोजगार के अवसर पैदा करें।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
ये बैठकें फिलहाल शुरुआती चरण की रणनीतिक चर्चाएं हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि ये वादे कब जमीन पर उतरते हैं। भविष्य में कंपनियों की ओर से आने वाले निवेश की टाइमलाइन, नई फैक्ट्री लोकेशन्स और ऑपरेशनल विस्तार की घोषणाएं इस पूरे सेक्टर के लिए बड़े ट्रिगर का काम कर सकती हैं।
