वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने अमेरिका में France, Canada, Saudi Arabia और South Korea के साथ द्विपक्षीय बातचीत की है। इस पहल का मकसद फार्मा, एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों में भारतीय निर्यात को बढ़ावा देना है। आज भारतीय बाजार छुट्टी के कारण बंद हैं, लेकिन निवेशकों की नजरें इन ट्रेड पैक्ट्स के लॉन्ग-टर्म असर पर टिकी हैं।
G20 में डिप्लोमैटिक हलचल
वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने अमेरिका के मिलवॉकी में आयोजित G20 ट्रेड मिनिस्टर्स की बैठक के दौरान कई हाई-लेवल मीटिंग्स की हैं। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य ट्रेड बैरियर्स को हटाना और पेंडिंग फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) की प्रक्रिया में तेजी लाना है। यह भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूती लाने और अपने एक्सपोर्ट मार्केट को डायवर्सिफाई करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
किन सेक्टरों को होगा फायदा?
- South Korea: मौजूदा CEPA को अपग्रेड करने पर जोर, जिससे भारतीय फार्मा, एग्रीकल्चर और मरीन प्रोडक्ट्स की पहुंच वहां के बाजार में बढ़ेगी।
- Saudi Arabia: भारत-गल्फ सहयोग परिषद (GCC) ट्रेड फ्रेमवर्क के जरिए एनर्जी और निवेश के नए रास्ते खोलने की कोशिश।
- France: भारत में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को जोड़ने पर चर्चा।
- Canada: बाइलेटरल ट्रेड टारगेट्स को पूरा करने और नॉर्थ अमेरिकन मार्केट में भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए स्थिरता लाने पर बात।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
सरकार की यह कवायद एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग कंपनियों के लिए ग्रोथ की नई संभावनाएं खोल सकती है। हालांकि, ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और टैरिफ रिस्क जैसे फैक्टर्स अभी भी बने हुए हैं। फिलहाल बाजार 2 अक्टूबर 2026 की छुट्टी के चलते बंद है, लेकिन ट्रेड पैक्ट्स के फाइनल आउटकम्स और उनसे होने वाले निवेश इनफ्लो पर निवेशकों की नजरें बनी रहेंगी।
