PhonePe के CEO समीर निगम ने AI स्टार्टअप्स की ओवरहीटेड वैल्यूएशन को लेकर चेतावनी दी है। कंपनी अब ग्रोथ के साथ प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान दे रही है और अपने फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट में **100 गुना** विस्तार का लक्ष्य रख रही है।
वैल्यूएशन का 'रियलिटी चेक'
Moneycontrol Startup Conclave के दौरान समीर निगम ने कहा कि AI को लेकर मार्केट में जो उत्साह दिख रहा है, उसने प्राइवेट मार्केट में वैल्यूएशन को काफी बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ किया कि जब ये कंपनियां पब्लिक मार्केट में लिस्ट होने जाएंगी, तो इन्हें वैल्यूएशन में 'करेक्शन' का सामना करना पड़ सकता है। पब्लिक मार्केट के निवेशक ग्रोथ के बजाय प्रॉफिटेबिलिटी और यूनिट इकोनॉमिक्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जो एक बड़ा फिल्टर साबित होता है।
प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ता कदम
अब स्टार्टअप इकोसिस्टम में 'ग्रोथ एट एनी कॉस्ट' का दौर खत्म हो गया है और ध्यान नेट प्रॉफिट पर शिफ्ट हो चुका है। इसी रणनीति के तहत PhonePe अब पेमेंट्स के अलावा लेंडिंग (Lending) और इंश्योरेंस जैसे सेक्टर्स में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल सर्विसेज ट्रांजेक्शन में 100 गुना की बढ़ोतरी हासिल करना है।
अगले 50 करोड़ यूजर्स पर नजर
भारत में अभी भी लगभग 50 करोड़ लोग डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से दूर हैं। इस गैप को भरने के लिए PhonePe अब वॉयस-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Voice-based AI) तकनीक का सहारा ले रही है। कंपनी का मानना है कि स्थानीय भाषाओं में काम करने वाली तकनीक के जरिए वे उन लोगों तक पहुंच पाएंगे जो तकनीकी रूप से कम जानकार हैं। अब देखना होगा कि कंपनी कैसे अपने पेमेंट बिजनेस की पहुंच को ग्रामीण भारत तक ले जाती है और फाइनेंशियल सर्विसेज में सफलता हासिल करती है।
