Petroleum Act में बड़ा बदलाव: अब छोटी गलतियों पर नहीं होगी जेल, सिर्फ लगेगा जुर्माना

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Petroleum Act में बड़ा बदलाव: अब छोटी गलतियों पर नहीं होगी जेल, सिर्फ लगेगा जुर्माना

Ministry of Petroleum & Natural Gas ने औपनिवेशिक काल के Petroleum Act, 1934 में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। अब मामूली नियमों के उल्लंघन पर आपराधिक कार्रवाई के बजाय सिविल जुर्माना लगाया जाएगा, जिससे रिफाइनिंग इंडस्ट्री के लिए कानूनी पेचीदगियां कम होंगी।

सरकार देश के रिफाइनिंग और पेट्रोलियम सेक्टर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। पुराने Petroleum Act, 1934 के तहत अभी भी छोटी-मोटी प्रशासनिक गलतियों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाते हैं, जिसे मंत्रालय अब 'आउटडेटेड' मान रहा है।\n\n### पुराने कानून से कितना बदलेंगे नियम?\n\n1970 के दशक के नियमों के मुताबिक, उस समय लगाए गए जुर्माने की राशि ₹500 से ₹1,000 के बीच थी, जो आज के समय में बिल्कुल अप्रासंगिक है। भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी 18.4 मिलियन टन से बढ़कर अब 258 मिलियन टन के पार पहुंच गई है और देश भर में 23 बड़े रिफाइनिंग प्लांट काम कर रहे हैं। मंत्रालय का मानना है कि इतनी बड़ी इंडस्ट्री के लिए पुराने आपराधिक कानूनों के बजाय एक नया 'ग्रेडेड सिविल पेनल्टी' सिस्टम ज्यादा प्रभावी होगा।\n\n### कंपनियों को क्या फायदा होगा?\n\nयह कदम 'Ease of Doing Business' को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। Reliance Industries, Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum (BPCL), Hindustan Petroleum (HPCL) और Nayara Energy जैसी बड़ी कंपनियों के लिए तकनीकी या प्रक्रियात्मक चूक पर आपराधिक कार्यवाही का डर हमेशा बना रहता है। नई व्यवस्था आने से कानूनी जोखिम कम होगा और अनुपालन (Compliance) प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व सरल हो जाएगी।\n\n### आगे की राह\n\nहालांकि, सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि ये जुर्माने इतने भारी हों कि कंपनियां सुरक्षा मानकों से समझौता न करें। इस प्रस्ताव पर आम जनता और स्टेकहोल्डर्स 30 अक्टूबर, 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं। निवेशकों को इस पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अंतिम कानून का ढांचा एनर्जी कंपनियों की कार्यक्षमता को सीधे प्रभावित करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.