आर्थिक तंगी से जूझ रहे Pakistan ने बिजली और फ्यूल की खपत कम करने के लिए सख्त 'ऑस्टेरिटी' (Austerity) उपाय लागू किए हैं। इसमें कमर्शियल मार्केट के समय में कटौती और सरकारी अधिकारियों के खर्चों पर लगाम कसना शामिल है।
पाकिस्तान सरकार ने गिरते विदेशी मुद्रा भंडार और बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच एक नया 'ऑस्टेरिटी ड्राइव' शुरू किया है। मध्य पूर्व में जारी जियोपॉलिटिकल अस्थिरता और रेड सी (Red Sea) सप्लाई चेन की बाधाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिसके चलते सरकार ने तत्काल प्रभाव से सख्त फैसले लिए हैं।
सरकारी खर्चों पर लगाम
सरकार ने नई गाड़ियाँ खरीदने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा, सरकारी अधिकारियों के लिए अगले तीन महीनों तक फ्यूल कोटे में 50% की कटौती की गई है। हालांकि, कानून व्यवस्था और मेडिकल जैसी जरूरी सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य ऊर्जा आयात बिल को कम करना है, जो देश के बैलेंस ऑफ पेमेंट पर भारी पड़ रहा है।
कमर्शियल मार्केट के लिए नियम
बिजली और फ्यूल की मांग कम करने के लिए अब मार्केट, शॉपिंग मॉल और बाजार रात 9 बजे तक बंद करने होंगे। रेस्टोरेंट के लिए रात 11 बजे और वेडिंग वेन्यू के लिए रात 10 बजे का समय तय किया गया है। इसके अलावा, शादी समारोहों में खर्च कम करने के लिए 'सिंगल डिश' का नियम भी अनिवार्य कर दिया गया है।
यात्रा और अन्य प्रशासनिक कटौती
मंत्रियों और फेडरल अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी गई है। अगर यात्रा बेहद जरूरी हुई, तो उन्हें इकोनॉमी क्लास में ही सफर करना होगा। साथ ही, सरकार ने एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों में हर महीने 5% की कमी लाने का लक्ष्य रखा है और अब सेमिनार के बजाय टेलीकॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
निवेशकों के नजरिए से देखें तो यह फैसला पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता और महंगाई से निपटने की एक कोशिश है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि इन कदमों का असर देश के फिस्कल कंसोलिडेशन और करेंसी स्टेबिलिटी पर कितना पड़ता है।
