पाकिस्तान सरकार बढ़ती ग्लोबल तेल कीमतों के बीच फिर से कड़े वित्तीय अनुशासन (Austerity) लागू करने की तैयारी में है। इस खबर के बाद अस्थिरता बढ़ी है और 14 सितंबर, 2026 को KSE-100 इंडेक्स **1.5%** लुढ़क गया है।
पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बाद पाकिस्तान सरकार फिर से कठोर आर्थिक उपायों की ओर बढ़ रही है। इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ देश के फाइनेंशियल रिजर्व को बचाने और बढ़ती महंगाई पर लगाम कसने के लिए नए सिरे से मंथन कर रहे हैं।
बाजार पर असर
इस अनिश्चितता का सीधा असर स्टॉक मार्केट पर दिखा। 14 सितंबर, 2026 को KSE-100 इंडेक्स 2,541 अंक गिरकर 1.5% नीचे बंद हुआ। पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी इंपोर्ट पर निर्भर है, जिससे करंसी और करंट अकाउंट की स्थिरता पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
वापस लौट सकते हैं पुराने नियम
सरकार उन उपायों पर विचार कर रही है जिन्हें जून में हटा लिया गया था। इनमें सरकारी वाहनों के लिए फ्यूल अलाउंस में 50% की कटौती, सांसदों की सैलरी में कमी और पब्लिक सेक्टर में रिमोट वर्क पॉलिसी शामिल हो सकती है।
आम आदमी को राहत की कोशिश
सरकार ने 13 सितंबर, 2026 को छोटे वाहनों के लिए एक सब्सिडी स्कीम शुरू की है। वर्तमान में पेट्रोल PKR 375.82 और डीजल PKR 403.32 प्रति लीटर मिल रहा है। इसे देखते हुए मोटरसाइकिल और रिक्शा जैसे छोटे वाहनों के लिए PKR 100 प्रति लीटर की सब्सिडी दी जा रही है, ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के किराये में बेतहाशा बढ़ोतरी न हो।
इकोनॉमी के सामने बड़ी चुनौतियां
देश की महंगाई दर काबू से बाहर होती दिख रही है। सेंट्रल बैंक ने इंटरेस्ट रेट 11.5% पर बनाए रखे हैं, लेकिन फ्यूल कॉस्ट के कारण टेक्सटाइल और रिफाइनिंग जैसे सेक्टर भारी दबाव में हैं। अब निवेशकों की नजर सरकार के अंतिम फैसले और सेंट्रल बैंक के अगले कदम पर टिकी है।
