प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का शुभारंभ किया है। इस मेगा डेवलपमेंट प्लान में लेह एयरपोर्ट का नया टर्मिनल और रणनीतिक Nimmu-Padum-Darcha रोड शामिल है, जिससे लद्दाख में कनेक्टिविटी और पावर सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
केंद्र सरकार ने लद्दाख में बड़े पैमाने पर कैपिटल एक्सपेंडिचर की शुरुआत करते हुए ₹3,350 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई है। इस निवेश का सीधा मकसद क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुधारना, पावर ग्रिड को मजबूत करना और जल प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट विस्तार
लेह के कुशोक बकुला रिम्पोचे (Kushok Bakula Rimpochee) एयरपोर्ट पर बने नए पैसेंजर टर्मिनल पर खास जोर दिया गया है। ₹640 करोड़ की लागत से बने इस 23,800 वर्ग मीटर के टर्मिनल की सालाना क्षमता 35 लाख यात्रियों को संभालने की है। यह अत्याधुनिक सुविधा जियोथर्मल एनर्जी पर आधारित है, जो इसे और भी खास बनाती है। इसके अलावा, बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा तैयार की गई 298 किलोमीटर लंबी Nimmu-Padum-Darcha सड़क लद्दाख के लिए तीसरी लाइफलाइन साबित होगी, जो सर्दियों में भी सुगम आवाजाही सुनिश्चित करेगी।
एनर्जी और वाटर मैनेजमेंट
क्षेत्र की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए 9 मेगावाट की हानु (Hanu) हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और 66 kV ट्रांसमिशन लाइन को चालू किया गया है। वहीं, 'प्रोजेक्ट हिम सरोवर' के तहत 40 जल निकायों का निर्माण किया गया है, ताकि ग्लेशियर के पानी का सही इस्तेमाल कर कृषि कार्यों को बढ़ावा दिया जा सके।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
हिमालयी क्षेत्र में निर्माण कार्यों के साथ कई ऑपरेशनल चुनौतियां भी जुड़ी हैं। वहां के कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों के चलते प्रोजेक्ट्स की मेंटेनेंस कॉस्ट अधिक रहने का जोखिम हमेशा बना रहता है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि ये इंफ्रास्ट्रक्चर बदलाव कैसे लद्दाख में लॉजिस्टिक लागत को कम करते हैं और पर्यटन क्षेत्र में नई रफ्तार भरते हैं।
