GST Rationalization: क्या GST के फायदे महंगाई की भेंट चढ़ गए? आम आदमी की जेब पर कितना असर?

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
GST Rationalization: क्या GST के फायदे महंगाई की भेंट चढ़ गए? आम आदमी की जेब पर कितना असर?

GST के रेशनलाइजेशन को एक साल पूरे हो गए हैं, लेकिन बढ़ती कमोडिटी और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट ने ग्राहकों को मिलने वाले फायदे को काफी हद तक कम कर दिया है। ऑटो सेक्टर में डिमांड जरूर मजबूत है, लेकिन FMCG और अपैरल कंपनियां लगातार दाम बढ़ा रही हैं।

बाजार की हकीकत क्या है?

एक साल पहले जब GST दरों को रेशनलाइज किया गया था, तो उम्मीद थी कि इससे सामान सस्ते होंगे और डिमांड बढ़ेगी। लेकिन ग्लोबल एनर्जी और कमोडिटी की कीमतों में आई उछाल ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कंपनियों ने अपनी बढ़ती ऑपरेशनल लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया है।

ऑटो सेक्टर की मजबूती

इतने दबाव के बावजूद ऑटो सेक्टर ने अपनी चमक बरकरार रखी है। अगस्त 2026 तक के 11 महीनों में रिटेल बिक्री 29 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा है। पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन में 22% और ट्रैक्टर सेल्स में 23% की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, कीमतें फिर से ऊपर जा रही हैं; उदाहरण के लिए, Mahindra Scorpio-N Z2, जिसकी कीमत टैक्स कट के बाद ₹13.2 लाख तक गिर गई थी, वह अब वापस ₹13.6 लाख पर आ गई है।

FMCG कंपनियों की चुनौती

FMCG सेक्टर में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। शुरू में जरूरी सामान पर GST 18% से घटकर 5% हुआ था, जिससे दाम 10% तक घटे थे। लेकिन वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से कंपनियों ने 6-7% तक दाम बढ़ा दिए हैं। Parle Products के मुताबिक, कंज्यूमर को अब मुश्किल से 2-3% का ही नेट फायदा मिल पा रहा है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि क्या फेस्टिव सीजन में कंपनियां और दाम बढ़ाएंगी या वॉल्यूम पर असर पड़ेगा।

रिटेल और हॉस्पिटैलिटी पर असर

अपरल सेक्टर में ₹2,500 से ज्यादा के कपड़ों पर GST 12% से बढ़कर 18% हो गया, जिसने रिटेलर्स की ग्रोथ को सीमित कर दिया है। Clothing Manufacturers Association of India का अनुमान है कि फेस्टिव सीजन में कीमतें 5-7% और बढ़ सकती हैं। वहीं, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में मिड-मार्केट होटल, जो 5% GST स्लैब में आए थे, उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट न मिलने के कारण मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.