Odisha के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात Arnab से प्रभावित परिवारों के लिए ₹2,500 की नकद सहायता और राशन देने का ऐलान किया है। हालांकि, अब राज्य पर एक और नए चक्रवाती तूफान 'Murasu' का खतरा मंडरा रहा है, जो सरकारी खजाने और राहत कार्यों पर दबाव डाल सकता है।
ओडिशा सरकार ने चक्रवात Arnab से हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए एक बड़ा राहत पैकेज जारी किया है। 2 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंजम, गजपति और कंधमाल जिलों में तुरंत सहायता कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
राहत पैकेज का ब्योरा
राहत कार्यक्रम के तहत हर प्रभावित परिवार को ₹2,500 नकद और 50 किलो चावल दिए जाएंगे। खेती को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने गैर-सिंचित भूमि के लिए ₹8,500 प्रति हेक्टेयर और सिंचित भूमि के लिए ₹17,000 प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी तय की है, बशर्ते फसल का नुकसान कम से कम 33 प्रतिशत हुआ हो। घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक का मुआवजा दिया जाएगा।
आर्थिक प्रभाव और चुनौतियां
यह राहत कार्य राज्य की अर्थव्यवस्था पर एक बड़ा वित्तीय बोझ है। हालांकि यह आजीविका बहाली के लिए जरूरी है, लेकिन आपदा प्रबंधन का बार-बार खर्च सरकारी खजाने पर असर डालता है। एक केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी, जो भविष्य की पुनर्निर्माण योजनाओं के लिए अहम होगा।
उभरता हुआ खतरा: Cyclone Murasu
राज्य के सामने अब नई चुनौती आंध्रा तट के पास बन रहे चक्रवात 'Murasu' की है। इस नए सिस्टम के कारण होने वाली संभावित बारिश से राहत कार्यों में बाधा आ सकती है और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम धीमा हो सकता है। निवेशक और स्थानीय स्टेकहोल्डर्स स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, क्योंकि किसी भी और देरी से सप्लाई चेन और राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
