ओडिशा सरकार ने Asian Development Bank (ADB) के साथ मिलकर 'ARISE' प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। इस पहल का मकसद राज्य की **573 किलोमीटर** लंबी कोस्टलाइन को क्लाइमेट चेंज और कटाव से सुरक्षित करना है।
तकनीक से लैस सुरक्षा कवच
ओडिशा सरकार आपदा प्रबंधन की अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। अब तक सरकारें केवल आपदा के बाद राहत पर ध्यान देती थीं, लेकिन ARISE (Adaptive Resilience Investment in Coastal Systems on Economics) प्रोजेक्ट के जरिए अब 'प्रो-एक्टिव' और टेक्नोलॉजी-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। लोक सेवा भवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में तय किया गया है कि डेटा और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए तटीय गांवों और टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को हर तरह के खतरे से बचाया जाएगा।
'ब्लू इकोनॉमी' को मिलेगा बूस्ट
इस प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा सस्टेनेबल 'ब्लू इकोनॉमी' को बढ़ावा देना है। एक्सपर्ट्स ऐसी मॉडल्स पर काम कर रहे हैं जिससे समुद्री संसाधनों का उपयोग करते हुए टूरिज्म और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा दिया जा सके, ताकि वे पर्यावरणीय दबावों को झेल सकें। यह मॉडल कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पहले से ही सफल रहा है।
निवेशकों के लिए जरूरी स्पष्टीकरण
महत्वपूर्ण बात यह है कि ARISE कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, बल्कि एक सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी पहल है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इसे किसी शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी के साथ भ्रमित न करें। आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट की फंडिंग और काम पूरा होने की समय-सीमा पर सरकार की ओर से अपडेट्स देखने को मिलेंगे, जो राज्य की इकोनॉमी के लिहाज से अहम होंगे।
