Cyclone Arnab के कारण ओडिशा के सात दक्षिणी जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। **1,000** से ज्यादा गांव अलग-थलग पड़ गए हैं और लगभग **30,000** लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है।
ओडिशा के गंजम, गजपति और कंधमाल जैसे जिले Cyclone Arnab के कारण गंभीर बाढ़ की चपेट में हैं। पात्रापुर जैसे कुछ इलाकों में 546 मिमी तक रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। इस भारी जलभराव ने रोड और ब्रिज नेटवर्क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे स्थानीय व्यापार और जरूरी सेवाओं की आवाजाही ठप हो गई है।
बचाव और राहत कार्य
राज्य सरकार बड़े पैमाने पर राहत अभियान चला रही है। सड़क मार्ग बाधित होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और दवाइयां पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर्स की मदद ली जा रही है। National Disaster Response Force (NDRF) और Odisha Disaster Rapid Action Force (ODRAF) की टीमें चुनौतीपूर्ण हालातों में काम कर रही हैं क्योंकि नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।
आर्थिक प्रभाव और चुनौतियां
Rushikulya और Mahendratanaya नदियों में उफान और Ghodahada डैम से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ का दबाव और बढ़ गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान के चलते स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां फिलहाल सीमित रहने की आशंका है, जिसका असर खास तौर पर एग्रीकल्चर और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दिखेगा।
आगे का जोखिम
India Meteorological Department ने चेतावनी दी है कि South Andaman Sea के ऊपर एक नया लो-प्रेशर ज़ोन बन रहा है, जो आगे चलकर coastal Andhra Pradesh तक बारिश ला सकता है। इससे ओडिशा में चल रहे राहत कार्यों में देरी होने का खतरा बढ़ गया है। निवेशकों के लिए अब सरकार के रिकवरी फंड और इन्फ्रास्ट्रक्चर बहाली की प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी है।
