Odisha के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी **9 से 11 सितंबर, 2026** तक UAE के दौरे पर रहेंगे। इस मिशन का मकसद राज्य की अर्थव्यवस्था को माइनिंग से आगे ले जाकर सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे हाई-वैल्यू सेक्टर में निवेश आकर्षित करना है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी एक हाई-लेवल डेलिगेशन के साथ 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का दौरा करेंगे। तीन दिन की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आबू धाबी और दुबई में रोड शो और बैठकों के जरिए 30 प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं के लिए विदेशी निवेश जुटाना है। राज्य सरकार अब अपनी निर्भरता पारंपरिक माइनिंग और मेटल इंडस्ट्री से हटाकर सेमीकंडक्टर, पेट्रोकेमिकल्स, ग्रीन एनर्जी और सीफूड प्रोसेसिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों की ओर बढ़ा रही है।
पुरानी सफलताओं पर नजर
यह दौरा राज्य की अंतरराष्ट्रीय निवेश रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले नवंबर 2024 में सीएम ने सिंगापुर का दौरा किया था। ओडिशा सरकार पहले भी बड़े निवेश हासिल करने में सफल रही है, जिसमें Adani Group और UAE की International Holding Company (IHC) के साथ हुआ लगभग ₹1.10 लाख करोड़ का एल्युमिनियम प्रोजेक्ट प्रमुख है। सरकार का प्रयास है कि सॉवरेन वेल्थ फंड्स और ग्लोबल लीडर्स के साथ सीधे जुड़कर पूर्वी भारत में आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता लाई जाए।
सबसे बड़ी चुनौती: क्रियान्वयन (Execution)
निवेश के वादे (MoUs) तो कई हो जाते हैं, लेकिन असली चुनौती उन्हें जमीन पर उतारने की है। प्रोजेक्ट्स को फैक्ट्री का रूप देने के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल और इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी अहम है। साथ ही, ओडिशा को Madhya Pradesh जैसे अन्य भारतीय राज्यों से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है, जो UAE फंड्स को लुभाने में लगे हैं।
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी यह देखना होगा कि इन समझौतों का असर कब तक जमीन पर दिखता है और क्या राज्य सरकार एक पारदर्शी माहौल देने में कामयाब रहती है। भविष्य में होने वाली जॉइंट वेंचर्स की घोषणाएं इस यात्रा की सफलता का असली पैमाना होंगी।
