Odisha सरकार ने अपनी नई Excise Policy 2026–2029 के तहत राज्य में नई शराब दुकानों के लाइसेंस पर अगले तीन वर्षों के लिए रोक लगा दी है। इस फैसले के साथ ही लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी और 'डी-एडिक्शन सेस' जैसे कड़े नियम लागू किए गए हैं।
ओडिशा सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक नई शराब दुकानों के लाइसेंस जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। Excise Policy 2026–2029 का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना और नशे पर लगाम कसना है। यह प्रतिबंध 'OFF' दुकानों, देशी शराब के आउटलेट्स और आउट-स्टिल दुकानों पर लागू होगा, जिससे राज्य में रिटेल विस्तार पूरी तरह थम गया है।
रिटेलर्स के लिए बदले नियम
अब होम डिलीवरी पर भी पूरी तरह बैन लगा दिया गया है, जो शहरी बाजारों में शराब बिक्री का एक बड़ा माध्यम बन रहा था। इसके अलावा, रेस्टोरेंट और बार के लिए नए 'ON-प्रेमिस' लाइसेंस पर बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिसमें केवल चुनिंदा हाई-एंड होटल्स को ही रियायत मिलेगी।
बढ़ेगा ऑपरेशनल खर्च
नए नियमों के कारण शराब कारोबारियों का खर्च बढ़ना तय है:
- एप्लीकेशन फीस: 10% का इजाफा।
- एनुअल लाइसेंस फीस: 10% से 20% तक की बढ़ोतरी।
- डी-एडिक्शन सेस: एक्साइज ड्यूटी पर 0.5% का अतिरिक्त सेस, जिसका इस्तेमाल रिहैबिलिटेशन सेंटर्स बनाने में होगा।
साथ ही, सरकार ने 'मिनिमम गारंटेड क्वांटिटी' मॉडल को खत्म कर 'मिनिमम गारंटेड एक्साइज रेवेन्यू' सिस्टम अपनाया है, ताकि रेवेन्यू में पारदर्शिता लाई जा सके। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि इन सख्त नियमों और बढ़ती लागत का असर रिटेलर्स के मुनाफे और राज्य के एक्साइज कलेक्शन पर किस तरह पड़ता है।
