Nouriel Roubini का बड़ा बयान: जॉब संकट टालने के लिए भारत को चाहिए **9%** की ग्रोथ

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nouriel Roubini का बड़ा बयान: जॉब संकट टालने के लिए भारत को चाहिए **9%** की ग्रोथ

जाने-माने अर्थशास्त्री Nouriel Roubini का मानना है कि भारत की वर्तमान **7%** की ग्रोथ दर युवाओं को रोजगार देने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने और जॉब संकट से बचने के लिए भारत को **9%** की रफ्तार पकड़नी होगी।

मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा मौका

Roubini के मुताबिक, दुनिया भर की कंपनियां अब चीन से हटकर अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को डायवर्सिफाई कर रही हैं। यह भारत के लिए एक बड़ा मौका है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।

क्यों चुनौतीपूर्ण है यह लक्ष्य?

देश का बड़ा युवा वर्ग एक 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' की तरह है, लेकिन अगर उन्हें रोजगार नहीं मिला तो यह एक बड़ी चुनौती बन सकता है। 9% की ग्रोथ तक पहुंचने के लिए सरकार को जमीन और लेबर कानूनों को आसान बनाना होगा और लॉजिस्टिक्स में सुधार करना होगा।

AI और शिक्षा में बदलाव की जरूरत

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जिस तरह से इंडस्ट्री बदल रहा है, उसके लिए स्किल्ड वर्कफोर्स की जरूरत है। Roubini का साफ मानना है कि एजुकेशन और वोकेशनल ट्रेनिंग में बड़े रिफॉर्म्स जरूरी हैं, ताकि भारतीय युवा बदलती टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठा सकें।

निवेशकों के लिए संकेत

सरकार की PLI स्कीम जैसे कदम सही दिशा में हैं, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और लॉजिस्टिक्स में रिफॉर्म्स कितनी तेजी से लागू होते हैं। अमेरिका के साथ मजबूत होते ट्रेड संबंध भी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले समय में पॉलिसी एग्जीक्यूशन की रफ्तार ही तय करेगी कि भारत अपनी पूरी ग्रोथ पोटेंशियल को हासिल कर पाएगा या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.