India GDP Forecast: Nomura ने बरकरार रखा **7%** का अनुमान, दूसरी छमाही में इन खतरों से रहें सावधान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India GDP Forecast: Nomura ने बरकरार रखा **7%** का अनुमान, दूसरी छमाही में इन खतरों से रहें सावधान

Nomura ने FY27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान **7%** पर बरकरार रखा है। जून तिमाही में **7.8%** की शानदार रफ्तार के बाद ब्रोकरेज ने चेताया है कि साल की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट मार्जिन, मानसून की अनिश्चितता और एनर्जी कीमतों के कारण ग्रोथ धीमी हो सकती है।

वित्त वर्ष FY27 की शुरुआत के आंकड़े काफी उत्साहजनक रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जो बाजार के अनुमानों से काफी बेहतर रही। इस मजबूती के पीछे फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट और प्राइवेट कंजम्पशन का बड़ा हाथ रहा है।

RBI की पॉलिसी पर नज़र

इस दमदार प्रदर्शन के बाद अब चर्चा है कि क्या रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अक्टूबर में होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की मीटिंग में ग्रोथ के अनुमानों को ऊपर की ओर रिवाइज करेगा? फिलहाल माना जा रहा है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को स्थिर रखेगा और उनका पूरा जोर महंगाई को काबू में रखने पर होगा।

दूसरी छमाही में चुनौतियां (H2 Headwinds)

हालाँकि शुरुआत अच्छी है, लेकिन Nomura का मानना है कि दूसरी छमाही में रफ्तार थोड़ी कम होकर 6.6% के आसपास रह सकती है। निवेशकों के लिए कुछ जोखिमों पर ध्यान देना ज़रूरी है:

  • कॉर्पोरेट प्रॉफिट मार्जिन: ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते कंपनियों के मार्जिन पर दबाव है। अगर कंपनियां इन लागतों को ग्राहकों पर नहीं डाल पाईं, तो मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
  • मानसून और खेती: बारिश का अनिश्चित पैटर्न खरीफ की फसल को प्रभावित कर सकता है, जिससे ग्रामीण मांग में कमी और महंगाई बढ़ने का खतरा है।
  • ग्लोबल रिस्क: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव तेल और ऊर्जा की कीमतों में आग लगा सकता है, जो भारत के ट्रेड बैलेंस के लिए ठीक नहीं है।

अगले कुछ महीनों में कॉर्पोरेट अर्निंग्स और मॉनसून के आंकड़े यह तय करेंगे कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस रफ्तार को बनाए रख पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.