Nomura का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही में वैश्विक अर्थव्यवस्था AI में निवेश (AI Investment) और सरकारी प्रोत्साहन (Government Stimulus) के दम पर मजबूती दिखाएगी। हालांकि, निवेशकों को अमेरिका-ईरान तनाव, अल नीनो (El Niño) मौसम की घटना और लगातार बनी रहने वाली वैश्विक महंगाई (Global Inflation) जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
दुनिया की इकोनॉमी पर Nomura का नज़रिया:
वित्तीय सेवा कंपनी Nomura ने 2026 की दूसरी छमाही (H2 2026) के लिए वैश्विक आर्थिक आउटलुक जारी किया है। कंपनी का अनुमान है कि चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद दुनिया की अर्थव्यवस्था लचीलापन (Resilience) बनाए रखेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले छह महीनों में वैश्विक बाजारों ने एनर्जी प्राइस शॉक (Energy Price Shocks) और बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) में बढ़ोतरी का सामना किया, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी पूंजीगत व्यय (Capital Spending) और सरकारी नीतियों के समर्थन से वे मजबूत बने रहे।
अमेरिका में ग्रोथ की रफ्तार और महंगाई का सिरदर्द:
'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' (OBBBA) और AI में लगातार निवेश के सहारे अमेरिका में आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) मजबूत बनी हुई है। हालांकि, टेक सेक्टर से आगे बढ़कर बिजनेस खर्च (Business Spending) में बढ़ोतरी और स्थिर उपभोक्ता आय (Consumer Income) के बावजूद, कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य को चुनौती दे रहा है। Nomura का अनुमान है कि 2026 की चौथी तिमाही में कोर इन्फ्लेशन लगभग 3.2% के आसपास रहेगा, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फिलहाल मौजूदा ब्याज दरों (Interest Rates) को बनाए रख सकता है।
वैश्विक जोखिम जिन पर रखनी होगी नज़र:
सकारात्मक ग्रोथ आउटलुक के बावजूद, Nomura ने कुछ ऐसे जोखिमों की पहचान की है जो वैश्विक गति को धीमा कर सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि किसी भी तरह का टकराव एनर्जी सप्लाई (Energy Supply) को बाधित कर सकता है और बाजार में अस्थिरता (Market Volatility) पैदा कर सकता है। इसके अलावा, अल नीनो मौसम की घटना वैश्विक खाद्य आपूर्ति (Global Food Supplies) और महंगाई के लिए खतरा पैदा करती है, जबकि AI निवेश चक्र (AI Investment Cycle) में संभावित बाधाएं उत्पादकता (Productivity) में लाभ को प्रभावित कर सकती हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) भी अपनी भविष्य की नीतिगत दिशाओं (Policy Guidance) को समायोजित करते हुए एक कठिन राह पर चल रहे हैं।
अलग-अलग क्षेत्रों की आर्थिक चाल:
यूरो एरिया (Euro Area) में लगातार महंगाई एक बाधा बनी हुई है, और Nomura को उम्मीद है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) सितंबर में एक और ब्याज दर वृद्धि (Interest Rate Hike) करेगा। जापान को निर्यात मांग (Export Demand) में कमजोरी के कारण 2026 की तीसरी तिमाही में आर्थिक संकुचन (Economic Contraction) का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) मौद्रिक नीति (Monetary Policy) को प्रबंधित करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रखने की उम्मीद है।
एशिया पर Nomura का पॉजिटिव रुख:
एशियाई क्षेत्र (Asian Region) को ट्रैक करने वाले निवेशकों के लिए, Nomura भारत के आर्थिक आउटलुक को 'उज्ज्वल' (Brightening) बताते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। जबकि इंडोनेशिया (Indonesia), मलेशिया (Malaysia) और दक्षिण कोरिया (South Korea) जैसे अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाएं महंगाई को नियंत्रित करने के लिए संभावित नीतिगत सख्ती (Policy Tightening) का सामना कर रही हैं, भारत और थाईलैंड (Thailand) से ब्याज दरों को स्थिर रखने की उम्मीद है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री (Semiconductor Industry) ताइवान (Taiwan) और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में ग्रोथ का समर्थन करना जारी रखे हुए है, जिन्हें मौजूदा चिप सुपरसाइकिल (Chip Supercycle) से लाभ हो रहा है।
निवेशक आगे चलकर यह देख सकते हैं कि मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक विकास (Geopolitical Developments) और मौसम-संबंधी व्यवधान (Weather-related Disruptions) वैश्विक ऊर्जा और खाद्य कीमतों (Energy and Food Prices) को कैसे प्रभावित करते हैं, क्योंकि ये कारक अक्सर मुद्रास्फीति के रुझान (Inflation Trends) और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
