वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में कोई बदलाव नहीं करने वाली है। अब तक **1.18 लाख** से ज़्यादा सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी इस स्कीम को चुन चुके हैं, जो मार्केट-लिंक्ड नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के मुकाबले एक गारंटीड पेंशन की सुविधा देती है।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम पर बड़ा अपडेट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में इस बात की पुष्टि की है कि सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में किसी भी तरह का बदलाव करने पर विचार नहीं कर रही है। यह बयान पेंशन ढांचे के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाता है। यह स्कीम सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों के लिए मार्केट-लिंक्ड नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के एक विकल्प के तौर पर लाई गई थी।
गारंटीड पेंशन और कर्मचारियों की पसंद
1 अप्रैल, 2025 से लागू हुई UPS का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित आय सुनिश्चित करना है। स्टैंडर्ड NPS के विपरीत, जो पेंशन की राशि तय करने के लिए मार्केट के प्रदर्शन पर निर्भर करता है, UPS एक डिफाइंड बेनिफिट स्ट्रक्चर प्रदान करती है। इसमें महंगाई के हिसाब से एडजस्टमेंट का भी प्रावधान है, जिससे पेंशनर्स को ज़्यादा आर्थिक सुरक्षा मिलती है। 19 जुलाई, 2026 तक, 1.18 लाख से ज़्यादा कर्मचारी इस स्कीम में एनरोल कर चुके हैं। इस संख्या में नए रिक्रूट्स और वे मौजूदा कर्मचारी भी शामिल हैं जो स्टैंडर्ड NPS से UPS में शिफ्ट हुए हैं।
कौन हैं एलिजिबल और क्या हैं फायदे?
यह स्कीम उन सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारियों के लिए है जो NPS के तहत थे, उनके जीवनसाथी, और ऐसे कुछ रिटायर्ड कर्मचारी जिन्होंने 31 मार्च, 2025 तक कम से कम 10 साल की सर्विस पूरी कर ली थी। कर्मचारियों को अपनी पसंद पर विचार करने का मौका देने के लिए, सरकार ने UPS में ऑप्ट-इन करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर, 2025 तक बढ़ा दी थी। पेंशन के अलावा, सब्सक्राइबर्स को रिटायरमेंट और डेथ ग्रैच्युटी जैसे फायदे भी मिलेंगे, जैसा कि सेंट्रल सिविल सर्विस (Payment of Gratuity under National Pension System) रूल्स, 2021 में बताया गया है।
टैक्स और ट्रांजिशन के नियम
UPS मेंबर्स को स्टैंडर्ड NPS सब्सक्राइबर्स के बराबर टैक्स बेनिफिट्स मिलते हैं। सरकार ने CCS (पेंशन) रूल्स, 2021 और CCS (एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन) रूल्स, 2023 के प्रावधानों को भी इसमें शामिल किया है, जो सर्विस के दौरान मृत्यु या विकलांगता जैसी विशेष परिस्थितियों को कवर करते हैं। हालांकि यह स्कीम गारंटीड बेनिफिट्स की ओर एक कदम है, सरकार ने एक वन-टाइम, वन-वे विकल्प भी दिया है, जिससे सब्सक्राइबर्स स्टैंडर्ड NPS में वापस जा सकते हैं यदि उन्हें लगता है कि मार्केट-लिंक्ड प्लान उनकी लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए बेहतर है। चूंकि यह स्कीम नई है, इसलिए सरकार द्वारा इसके लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस की औपचारिक समीक्षाएं अभी बाकी हैं। कर्मचारियों और फाइनेंशियल प्लानर्स के लिए मुख्य बात यह सुनिश्चित करना होगी कि पेंशन पेआउट्स का एडमिनिस्ट्रेटिव एग्जीक्यूशन सुचारू रूप से हो और इन बेनिफिट्स के लिए महंगाई-एडजस्टमेंट कैलकुलेशन से जुड़े कोई भी अपडेट्स समय पर मिलें।
