तीन दिन की लंबी छुट्टी के बाद खुले जापानी बाजार में Nikkei 225 इंडेक्स **1.8%** की बढ़त के साथ **66,167.25** के स्तर पर बंद हुआ। AI और सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया है, हालांकि बढ़ती बॉन्ड यील्ड निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बाजार में टेक्नोलॉजी का दबदबा
तीन दिन की छुट्टी के बाद जब टोक्यो बाजार खुला, तो निवेशकों का मूड पूरी तरह से ग्लोबल टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स के साथ अलाइन दिखा। सेमीकंडक्टर और AI-रिलेटेड हार्डवेयर कंपनियों के शेयरों में भारी खरीदारी देखी गई। इसका सीधा असर Nikkei 225 पर दिखा, जो 1.8% चढ़कर 66,167.25 पर बंद हुआ। हालांकि, मिड-कैप और अन्य सेक्टरों को ट्रैक करने वाला Topix इंडेक्स केवल 0.2% ही ऊपर चढ़ पाया, जो बाजार में मौजूद 'स्प्लिट' को साफ दर्शाता है। Ibiden Co. और Socionext Inc. जैसी कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
आर्थिक चुनौतियों का साया
भले ही टेक स्टॉक्स चमक रहे हों, लेकिन मैक्रो-इकोनॉमिक दबाव निवेशकों को परेशान कर रहा है। जापान की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 8 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 3.055% पर पहुंच गई है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर उनके प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ता है।
Bank of Japan की सख्त नीति
Bank of Japan ने अपनी पॉलिसी में बदलाव करते हुए ब्याज दर को 1.25% पर सेट किया है, जो घरेलू कंपनियों के लिए कैपिटल कॉस्ट बढ़ा रहा है। वहीं, जापानी येन (Yen) डॉलर के मुकाबले 158 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। करेंसी में अस्थिरता एक्सपोर्टर्स और बैंकिंग संस्थानों के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टेक-लीड ग्रोथ इस महंगी होती कर्ज दरों के माहौल में खुद को टिका पाएगी या बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ सकता है।
