Nifty 50: 23,100 पर अटका बाजार, क्या साल के अंत में दिखेगी तेजी?

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nifty 50: 23,100 पर अटका बाजार, क्या साल के अंत में दिखेगी तेजी?

साल 2026 में अब तक Nifty 50 में **11%** की गिरावट आ चुकी है। अब बाजार उन महीनों में प्रवेश कर रहा है जो ऐतिहासिक रूप से तेजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन FPI की बिकवाली और महंगे क्रूड ऑयल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या इतिहास खुद को दोहराएगा?

वर्तमान में Nifty 50 23,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। पिछले 25 वर्षों का डेटा देखें तो नवंबर और दिसंबर बाजार के लिए सबसे बेहतरीन महीने रहे हैं, जिनमें औसतन 2.5% और 2.6% की बढ़त देखी गई है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक हालात इन ऐतिहासिक ट्रेंड्स पर भारी पड़ते दिख रहे हैं।

मैक्रो चुनौतियां (Macro Hurdles)

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव क्रूड ऑयल की कीमतों का है, जो $117 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। इससे कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ रहा है और इंपोर्ट कॉस्ट बढ़ रही है। इसके अलावा, विदेशी निवेशक (FPIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में लिक्विडिटी की कमी बनी हुई है और तेजी के हर प्रयास विफल हो रहे हैं।

घरेलू निवेशकों का सहारा

राहत की बात यह है कि Domestic Institutional Investors (DIIs), जैसे कि म्यूचुअल फंड्स, बाजार को लगातार सहारा दे रहे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या घरेलू खरीदारी विदेशी निवेशकों की बिकवाली को पूरी तरह से सोख पाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कुछ चुनिंदा शेयरों के दम पर रिकवरी मुमकिन नहीं है। ऑटोमोबाइल और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टर, जहां फेस्टिव डिमांड का असर दिख रहा है, उनमें मजबूती देखना जरूरी होगा। अंततः, बाजार की असली रफ्तार कॉर्पोरेट अर्निंग्स और क्रूड की कीमतों में नरमी पर ही टिकी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.