27 अगस्त 2026 को भारतीय बाजार में अनिश्चितता का माहौल रहा। Nvidia के शानदार नतीजों की चमक HDFC Bank पर अमेरिका में हुए केस और देश में **15%** मॉनसून घाटे की खबरों के आगे धुंधली पड़ गई है।
बाजार पर घरेलू दबाव
Nvidia के दमदार प्रदर्शन से ग्लोबल लेवल पर भले ही उत्साह था, लेकिन भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को सुस्ती छाई रही। Nvidia का $96.2 बिलियन का रेवेन्यू ग्लोबल टेक शेयरों के लिए टॉनिक का काम करता है, लेकिन भारत में निवेशकों का ध्यान पूरी तरह से घरेलू चुनौतियों पर टिका हुआ है।
बैंकिंग सेक्टर में हलचल
बाजार के सबसे बड़े वेटेज वाले स्टॉक, HDFC Bank पर दबाव साफ दिखा। न्यूयॉर्क की कोर्ट में बैंक के खिलाफ एक सिक्योरिटी क्लास-एक्शन लॉ-सूट दायर किया गया है, जिसमें डिपॉजिट-इंड्यूसमेंट स्कीम को लेकर भ्रामक जानकारी देने का आरोप है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि यह कानूनी विवाद बैंक की साख और कामकाज पर कितना गहरा असर डाल सकता है।
मॉनसून की चिंता
आर्थिक मोर्चे पर मॉनसून का 15% का घाटा साल 2009 के बाद का सबसे निचला स्तर है। अल-नीनो की स्थितियों के चलते बारिश में कमी ने कृषि क्षेत्र और ग्रामीण मांग को खतरे में डाल दिया है। जानकारों का मानना है कि इससे फूड इंफ्लेशन बढ़ सकता है और ग्रामीण इलाकों में खर्च करने की क्षमता कम हो सकती है, जो सीधे तौर पर कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित करेगा।
Nifty पर नजर
फिलहाल Nifty 50 एक सीमित दायरे में फंस गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर 24,000 से 24,100 के सपोर्ट जोन पर है। अगर बाजार इस लेवल को नहीं बचा पाया, तो आगे और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के महंगे वैल्यूएशन के बीच निवेशक अब उन कंपनियों को तरजीह दे रहे हैं जिनका बिजनेस मॉनसून से कम प्रभावित होता है।
