बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई है। Nifty 22,716 के स्तर पर बंद हुआ है। विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और F&O एक्सपायरी की वोलेटिलिटी ने बाजार पर दबाव बना रखा है।
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बिकवाली का माहौल रहा। Nifty 22,716.20 पर बंद हुआ, हालांकि कारोबार के दौरान इंडेक्स 22,569.65 के निचले स्तर तक भी गया था। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह मंथली फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) एक्सपायरी रही, जिसके चलते ट्रेडर्स ने अपने सौदे काटे और बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी मुसीबत
घरेलू बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिसका सीधा असर भारतीय रुपये की वैल्यू पर पड़ रहा है। उधर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी से भी इमर्जिंग मार्केट्स से पैसा बाहर निकल रहा है।
सेक्टर का हाल
आज ऑटो, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मीडिया, मेटल और फार्मा इंडेक्स ने कुछ हद तक खुद को संभाला, लेकिन कुल मिलाकर रुझान नकारात्मक रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी क्रमश: 0.6% और 0.8% की गिरावट देखने को मिली।
कुछ शेयरों में हलचल
गोल्डमैन सैक्स की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद Azad Engineering के शेयर में 6.7% का उछाल आया, वहीं USFDA से राहत भरी खबर मिलने के बाद Symbiotec Pharmalab 8% चढ़ा। इसके उलट, CEO के इस्तीफे की खबर के बाद Allcargo Logistics के शेयर में 2% की कमजोरी देखी गई।
चिंताजनक संकेत
बाजार की कमजोरी की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज 220 से ज्यादा कंपनियों ने अपने 52-वीक लो को छुआ है। इसमें Wipro, REC और Havells India जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। बाजार अब अगली ट्रेडिंग सीरीज की ओर बढ़ रहा है, जहाँ निवेशकों की नजरें ग्लोबल जियोपॉलिटिकल हालातों और घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा पर टिकी होंगी।
