9 सितंबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार एक सतर्क शुरुआत की ओर बढ़ रहे हैं। GIFT Nifty **23,664** के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के चलते Brent crude **$100** के करीब पहुंच गया है, जिससे रुपया कमजोर हुआ है और मार्केट सेंटीमेंट पर दबाव बढ़ गया है।
कच्चे तेल की आग और मार्केट पर असर
आज 9 सितंबर को भारतीय बाजार दबाव में खुलते हुए नजर आ रहे हैं। 8 सितंबर को Nifty 50 0.6% गिरकर 23,635.10 पर और Sensex 0.73% टूटकर 75,577.58 पर बंद हुआ था। यह बिकवाली का लगातार दूसरा सत्र है, जो बाजार में मौजूद डर को दर्शाता है।
Brent crude का $99.49 के स्तर पर पहुंचना सबसे बड़ी चिंता है, जिसकी मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में यह तेजी सीधा झटका है।
रुपये पर दबाव और कॉर्पोरेट मार्जिन
तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय रुपये पर दिख रहा है। रुपया डॉलर के मुकाबले 94.81 के स्तर तक फिसल गया है। कंपनियों के लिए, विशेषकर पेंट, टायर और एविएशन सेक्टर, बढ़ती फ्यूल कॉस्ट मार्जिन को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, ONGC और Oil India जैसे अपस्ट्रीम प्रोड्यूसर्स के लिए यह तेजी एक सपोर्ट साबित हो सकती है।
ग्लोबल मार्केट का हाल
अमेरिकी बाजारों में भी कल कमजोरी रही। 4.79% पर ट्रेड कर रही 10-वर्षीय US Treasury Yield और महंगाई के आंकड़ों ने ग्लोबल रिस्क ऐपेटाइट को कम कर दिया है। निवेशकों की नजर अब रुपये की चाल और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव पर टिकी है, जो आने वाले दिनों में मार्केट में और उतार-चढ़ाव ला सकता है।
