ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई कमी के चलते भारतीय बाजारों में रौनक लौटी है। मेटल सेक्टर के शेयरों में दिखी खरीदारी से Nifty और Sensex में बढ़त दर्ज की गई है, हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव अभी भी बरकरार है।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 और BSE Sensex में बुधवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसमें क्रमशः 0.52% और 0.54% की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मेटल शेयरों में आई जोरदार खरीदारी रही, जहां प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 2% से ज्यादा का उछाल आया। यह प्रदर्शन ऐसे समय में बाजार के लिए राहत लेकर आया है, जब विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार बिकवाली का दबाव बनाए हुए हैं।
बाजार में इस सकारात्मक मोड़ के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है। पिछले चार दिनों में WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में 9% से अधिक की गिरावट आई है। सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के फिर से शुरू होने और यानबू पोर्ट से निर्यात बढ़ने की संभावना ने सप्लाई संबंधी चिंताओं को कम कर दिया है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए एनर्जी कीमतों का कम होना एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है, जो आगे चलकर कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर कर सकता है।
करेंसी मार्केट में रुपया ₹95.60 के स्तर के करीब स्थिर बना हुआ है, जिससे निवेशकों को काफी मजबूती मिली है। मार्केट की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज 159 शेयरों ने अपने 52-वीक हाई को छुआ है। बैंक निफ्टी फिलहाल 56,000 के अहम सपोर्ट लेवल को बचाए हुए है। विशेषज्ञों के अनुसार, 56,700 से 56,800 के स्तर को पार करना बैंक निफ्टी के लिए अगली चुनौती है, जबकि एक स्पष्ट तेजी के लिए इसे 57,000 के ऊपर बंद होना जरूरी होगा।
