ग्लोबल टेंशन और कच्चे तेल की कीमतों के **$100** के पार जाने से भारतीय बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट रही। रुपया **95** के नीचे लुढ़क गया, जिसके बाद RBI को मार्केट में उतरना पड़ा, वहीं IT शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया है। इसका सीधा असर इंडेक्स पर दिखा; Nifty 50 0.86% गिरकर 23,431.50 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 1.08% की गिरावट के साथ 74,764.23 पर आ गया।
महंगाई और RBI का एक्शन
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए बड़ा जोखिम हैं क्योंकि हम बड़े पैमाने पर इसका आयात करते हैं। इससे न केवल महंगाई बढ़ने का खतरा है, बल्कि कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर भी दबाव बन रहा है। वहीं, रुपया डॉलर के मुकाबले 95.23 के निचले स्तर तक फिसल गया। स्थिति को काबू में करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने करेंसी मार्केट में एंट्री की है और लिक्विडिटी मैनेज करने के लिए डॉलर की बिक्री जैसे कदम उठाए हैं।
IT सेक्टर और Coforge में हलचल
बाजार की इस गिरावट में IT सेक्टर सबसे ज्यादा पिटा है। सेक्टर का कुल मार्केट कैप करीब ₹58,519 करोड़ साफ हो गया है। दिग्गज कंपनी Infosys का शेयर 4.4% गिरकर ₹1,032 पर आ गया, जो लगातार छठे दिन की गिरावट है।
इसके अलावा, Coforge के शेयर में 5.48% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन O.P. Bhatt के इस्तीफे और इंटरनल ऑडिट से जुड़े खुलासों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे गवर्नेंस को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की नजरें पूरी तरह से तेल की कीमतों और RBI की पॉलिसी पर टिकी रहेंगी।
