शुक्रवार को Nifty 50 में **0.35%** की बढ़त देखी गई, जिससे पिछले दो दिनों की गिरावट पर ब्रेक लग गया। IT इंडेक्स में **3.5%** की तूफानी तेजी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। अब बाजार की नजरें Jackson Hole symposium पर टिकी हैं।
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने दो दिन की लगातार गिरावट को पीछे छोड़ते हुए रिकवरी दर्ज की। Nifty 50 इंडेक्स 0.35% चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 0.43% की बढ़त के साथ 77,264 के स्तर पर पहुंच गया। इस रिकवरी की मुख्य वजह IT इंडेक्स में आई 3.5% की जबरदस्त तेजी रही, जो ग्लोबल दिग्गज कंपनी Nvidia के शानदार नतीजों और पॉजिटिव गाइडेंस के बाद देखने को मिली। इसका सीधा फायदा Tata Consultancy Services, Tech Mahindra और Infosys जैसे प्रमुख शेयरों को मिला।
IT सेक्टर क्यों बना सहारा?
भारतीय निवेशकों के लिए IT सेक्टर उतार-चढ़ाव के बीच एक ढाल का काम कर रहा है। Nvidia की आउटलुक को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले ग्लोबल खर्च का पैमाना माना जाता है। जब ग्लोबल टेक डिमांड बढ़ती है, तो इसका असर भारतीय IT कंपनियों के प्रोजेक्ट पाइपलाइन पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। हालांकि, बाजार में आईटी की चमक के बावजूद FMCG, ऑटो और एनर्जी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे स्पष्ट है कि तेजी अभी व्यापक नहीं है।
इंडस्ट्रियल डेटा की स्थिति
जुलाई 2026 के हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) ग्रोथ घटकर 6.7% रह गई है, जो पिछले महीने 8.8% थी। हालांकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 7.3% की ग्रोथ देखी गई है, लेकिन ओवरऑल इंडेक्स में नरमी संकेत देती है कि इंडस्ट्रियल एक्टिविटी अपने पीक से थोड़ा नीचे आ रही है।
आगे की चुनौतियां
बाजार अब अमेरिका में होने वाले Jackson Hole symposium पर नजर गड़ाए हुए है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की कमेंट्री से ब्याज दरों के भविष्य पर संकेत मिलेंगे। यदि रुख सख्त रहा, तो इमर्जिंग मार्केट्स में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। तकनीकी रूप से Nifty 50 फिलहाल 24,300–24,400 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने के लिए संघर्ष कर रहा है। जब तक इंडेक्स इस दायरे के ऊपर टिकता नहीं है, तब तक तेजी सीमित रह सकती है, जबकि नीचे की ओर 24,000–23,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा।
