भारतीय बाजार की शुरुआत आज बेहद संभलकर हुई है। ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल टेंशन और क्रूड ऑयल की कीमतों के दबाव के चलते Nifty 50 आज **23,330** के स्तर पर खुला, जहां निवेशकों की नजरें अब **23,070** के सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार में सतर्कता का माहौल है। Nifty 50 शुरुआती कारोबार में 23,330.20 पर खुला और मामूली बढ़त के साथ 23,386.70 तक पहुंचा। फिलहाल चार्ट पर 23,360 का स्तर एक तात्कालिक रुकावट (hurdle) बना हुआ है।
बाजार के लिए राहत की बात
सकारात्मक संकेत यह है कि संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का रुख बदला है। 18 सितंबर को FIIs ने ₹599 करोड़ की नेट खरीदारी की, जिससे उनकी सात दिन लंबी बिकवाली की लकीर टूट गई है। साथ ही, DIIs ने भी ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर खरीदे हैं। यह संस्थागत निवेश बाजार के लिए एक 'फ्लोर' का काम कर रहा है।
रिस्क फैक्टर और करेंसी का दबाव
निवेशकों को करेंसी मार्केट पर भी नजर रखनी चाहिए, जहां रुपया 95.93 के आसपास ट्रेड कर रहा है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) लगातार दबाव को मैनेज कर रहा है, लेकिन रुपये की कमजोरी से एनर्जी इम्पोर्ट का खर्च बढ़ सकता है, जो कॉर्पोरेट मार्जिन पर असर डालता है।
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक अस्थिरता और क्रूड ऑयल की कीमतें सबसे बड़ा रिस्क हैं। हालांकि, इंडिया VIX घटकर 11.3850 पर आ गया है, जो घबराहट कम होने के संकेत देता है, लेकिन किसी भी ग्लोबल तनाव का असर मार्केट में तेजी ला सकता है। फिलहाल निवेशकों को 23,070–23,100 के जोन पर नजर बनाए रखनी चाहिए; यदि इंडेक्स इससे नीचे फिसलता है, तो उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
