सोमवार, 31 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में मेटल स्टॉक्स पर चौतरफा दबाव देखने को मिला। Nifty Metal इंडेक्स **2.45%** की गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारी केविन वॉर्श का वह बयान है, जिसमें उन्होंने ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।
ब्याज दरों का डर और मेटल सेक्टर
जेकसन होल (Jackson Hole) आर्थिक संगोष्ठी में केविन वॉर्श की टिप्पणी ने ग्लोबल मार्केट की चिंता बढ़ा दी है। वॉर्श का मानना है कि महंगाई को कंट्रोल में रखने के लिए फेड को ब्याज दरों में इजाफा जारी रखना पड़ सकता है। मेटल सेक्टर के लिए यह खबर काफी अहम है, क्योंकि ब्याज दरें बढ़ने से अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है। चूंकि दुनिया भर में कमोडिटी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर की मजबूती तांबा (Copper), एल्युमीनियम और जिंक जैसे मेटल्स की ग्लोबल डिमांड को प्रभावित कर सकती है।
प्रमुख शेयरों का हाल
इस बिकवाली का असर बाजार के दिग्गज शेयरों पर साफ दिखा:
- Hindustan Zinc: इस शेयर में 3.8% से 4.7% तक की गिरावट देखी गई।
- NALCO: निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर 3.3% से 3.9% तक टूटा।
- Vedanta: शेयर में 2.3% से 3.7% का दबाव रहा।
- Hindalco Industries: यह शेयर भी 1.3% से 3.0% तक फिसल गया।
आगे क्या होगा?
मेटल सेक्टर सिर्फ ब्याज दरों से ही नहीं जूझ रहा है, बल्कि कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) भी उत्पादन लागत बढ़ा रहे हैं। अब निवेशकों की नजर 16 सितंबर 2026 को होने वाली फेड की बैठक पर है। मेटल इंडेक्स में तब तक अस्थिरता रहने की पूरी आशंका है, जब तक ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो जाती।
