अगस्त 2026 में Nifty India Internet इंडेक्स ने बाजार के सुस्त रुख को पछाड़ते हुए **8%** की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है, जबकि Nifty 50 इंडेक्स **1.3%** नीचे लुढ़क गया। इस रैली के पीछे MSCI रीबैलेंसिंग और संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की भारी खरीदारी मुख्य वजह रही है।
अगस्त 2026 में Nifty India Internet इंडेक्स ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जहां एक तरफ बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 1.3% गिर गया, वहीं 27 प्लेटफॉर्म-आधारित कंपनियों को ट्रैक करने वाला यह इंडेक्स तेजी के साथ आगे बढ़ा। बाजार की इस उठापटक के बीच डिजिटल-फर्स्ट कंपनियों ने निवेशकों का भरोसा बखूबी कायम रखा है।
रैली के पीछे की बड़ी वजह (The Trigger)
इस तेजी का सबसे बड़ा कारण MSCI इंडेक्स रीबैलेंसिंग रहा। जब भी MSCI अपने इंडेक्स में बदलाव करता है, तो ग्लोबल पैसिव फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में री-एडजस्टमेंट करना पड़ता है। अगस्त के इस बदलाव में 'Billionbrains Garage Ventures' (Groww की पैरेंट कंपनी) की एंट्री हुई, जबकि Swiggy और Eternal जैसे शेयरों का वेटेज बढ़ा दिया गया। इससे बाजार में लिक्विडिटी का प्रवाह बढ़ा और इंडेक्स को मजबूती मिली।
प्रमुख स्टॉक्स का दम
इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो Urban Company ने निवेशकों को मालामाल कर दिया और महीने के दौरान इसमें 29.8% की बड़ी तेजी दिखी। साथ ही, One 97 Communications (Paytm) में 21.6% और PB Fintech में 14.2% का उछाल देखा गया।
वैल्यूएशन और सावधानी
हालांकि, निवेश करते समय एक बड़ा रिस्क फैक्टर भी है। Nifty India Internet इंडेक्स का P/E रेशियो अभी 160x के करीब चल रहा है। इसका मतलब है कि बाजार इन कंपनियों को उनके वर्तमान मुनाफे के आधार पर नहीं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं के दम पर महंगे भाव पर खरीद रहा है। ऐसे में किसी भी आर्थिक अनिश्चितता या इंटरेस्ट रेट में बदलाव होने पर इन स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा, प्राइमरी मार्केट में भी हलचल तेज रही है। अगस्त में 22 मेनबोर्ड लिस्टिंग हुईं और कंपनियों ने ₹21,730 करोड़ जुटाए। साल की शुरुआत से अब तक कुल फंड जुटाने का आंकड़ा ₹1 ट्रिलियन के पार निकल चुका है, जो डिजिटल और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों की भारी मांग को दर्शाता है।
