बाजार में आज उथल-पुथल के बीच Nifty 50 ने **24,000** के अहम स्तर को बचाए रखा है। IT सेक्टर में आई खरीदारी ने बैंकिंग शेयरों के दबाव को काफी हद तक कम कर दिया है, हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और FII की बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मंगलवार के कारोबारी सत्र में Nifty 50 में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन तमाम बाधाओं के बावजूद इंडेक्स 24,000 के अहम सपोर्ट लेवल को बचाने में कामयाब रहा। बाजार में सेक्टर के हिसाब से अलग-अलग रुझान दिखे—एक तरफ बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली रही, तो दूसरी तरफ IT सेक्टर ने बाजार को गिरने से थाम लिया।
IT सेक्टर बना सहारा
बाजार में इस समय डायवर्जेंस (divergence) साफ दिख रहा है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में लगातार दबाव बना हुआ है, जबकि IT सेक्टर एक मजबूत पिलर बनकर उभरा है। HCL Technologies जैसे शेयरों में निवेशकों की रुचि ने इंडेक्स को 24,000–24,100 के सपोर्ट रेंज से नीचे फिसलने से रोक लिया।
इकोनॉमिक डेटा बनाम ग्लोबल रिस्क
निवेशक इस समय घरेलू इकोनॉमी की मजबूती और ग्लोबल खतरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालिया डेटा के अनुसार, भारत की रियल GDP ग्रोथ फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 7.8% रही है, जो बाजार के 7.3% के अनुमान से बेहतर है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो महंगाई और इंटरेस्ट रेट को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है।
FIIs का दबाव और निवेशकों के लिए सलाह
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की आक्रामक बिकवाली मार्केट के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पिछले सत्र में ₹7,985.88 करोड़ का बड़ा आउटफ्लो दर्ज किया गया, जिससे मार्केट का मूड सतर्क है। निवेशकों को सलाह है कि वे 24,000 के सपोर्ट लेवल पर कड़ी नजर रखें। यदि यह स्तर टूटता है और FIIs की बिकवाली जारी रहती है, तो बाजार में एक गहरी टेक्निकल करेक्शन (correction) देखने को मिल सकती है।
