शुक्रवार के कारोबारी सत्र में Nifty 50 इंडेक्स ने **23,000** के अहम स्तर को सफलतापूर्वक बचा लिया। बैंकिंग शेयरों में आई खरीदारी ने IT और हेल्थकेयर सेक्टर की बिकवाली के दबाव को काफी हद तक कम कर दिया है।
शुक्रवार के सत्र में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन Nifty 50 अंततः 23,051 के आसपास बंद होकर 23,000 के क्रिटिकल सपोर्ट को थामे रखने में कामयाब रहा। बाजार में दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन बैंकिंग सेक्टर ने 'सेफ्टी नेट' का काम किया है।
सेक्टर का हाल और रोटेशन
इस दौरान फंड्स का रोटेशन साफ तौर पर बैंकिंग स्टॉक्स की ओर दिखा, जिसमें Axis Bank ने बाजार को संभालने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके उलट, IT सेक्टर के दिग्गज Infosys और हेल्थकेयर में Max Healthcare पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। IT एक्सपोर्टर्स की कमजोरी यह दर्शाती है कि ग्लोबल डिमांड को लेकर निवेशकों में अब भी चिंता बरकरार है। वहीं, Asian Paints और HCL Technologies में कुछ खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट देने की कोशिश की है।
मैक्रो चुनौतियां और टेक्निकल आउटलुक
मैक्रो लेवल पर चुनौतियां कम नहीं हैं। भारतीय रुपया 95.93 प्रति अमेरिकी डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है, जो इम्पोर्ट पर निर्भर कंपनियों के लिए कॉस्ट प्रेशर बढ़ा रहा है। इसके अलावा, OPEC+ की बदलती उम्मीदों के कारण क्रूड ऑयल $94.75 प्रति बैरल के ऊपरी स्तरों पर है, जो महंगाई के लिहाज से बड़ा रिस्क है।
टेक्निकल तौर पर, बाजार एक दायरे में फंसा है। जानकारों के मुताबिक 22,920 से 22,940 का रेंज एक मजबूत सपोर्ट है। यदि इंडेक्स इसके नीचे फिसलता है, तो गिरावट 22,750 तक बढ़ सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,230 पर रेजिस्टेंस बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर क्रूड ऑयल की चाल और फॉरेन इंस्टीट्यूशनल फ्लो पर टिकी है।
